Kerala Election 2021: 1000 साल पुराने चर्च ने बीजेपी को दिया समर्थन, बेहद दिलचस्प है वजह

तिरुवनंतपुरम। जिन पांच राज्यों में चुनावी बिगुल बज चुका हैं उनमें ही एक राज्य केरल है। जहां पर 6 अप्रैल को चुनाव होने हैं। इस बार जहां बीजेपी पूरी ताकत से अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए मैदान में नजर आ रही है वहीं चुनाव से पहले राज्य के 1000 साल पुराने चर्च का समर्थन मिलने से पार्टी का हौंसला और बढ़ा है।

बीजेपी नेता को वोट देने की अपील

बीजेपी नेता को वोट देने की अपील

केरल में बीजेपी लम्बे समय से अपनी उपस्थिति दर्ज कराने को बेकरार है लेकिन पार्टी को यहां अब तक सफलता नहीं मिल पाई है। वजह है कि बीजेपी की पहचान एक हिंदुत्ववादी पार्टी के रूप में है जबकि केरल में मुसलमान और ईसाई मतदाता राज्य की चुनावी दिशा तय करते हैं लेकिन इस बार फिजा बदली है।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक राज्य के मलंकारा ऑर्थोडॉक्स सीरियन चर्च ने अपने अनुयायियों से बीजेपी नेता के लिए वोट करने को कहा है। चर्च ने बीजेपी नेता आर बालाशंकर के लिए वोट करने की अपील की है। दरअसल चर्च का बीजेपी नेता को सपोर्ट जितना दिलचस्प है इसके पीछे की कहानी भी उससे कम दिलचस्प नहीं है।

1000 पुराने चर्च को बीजेपी ने बचाया

1000 पुराने चर्च को बीजेपी ने बचाया

केरल में एक जगह है अलप्पुझा, घूमने के बहुत प्रसिद्ध है। लोग इसे अलेप्पी नाम से जानते हैं। तारीफ में इसे भारत का वेनिस भी कहते हैं। इसी अलप्पुझा जिले में एक चर्च है सेंट जॉर्ज ऑर्थोडॉक्स चर्च। इस चर्चा का निर्माण 1050 ई. में हुआ बताया जाता है। चर्च की दीवारों पर 13वीं सदी की बनी हुई पेंटिंग्स बनी है जिसे शताब्दियों से संरक्षित किया गया है।

इस चर्च पर साल 2019 में उस समय संकट आ गया जब नेशनल हाईवे को चौड़ा करने के लिए इसे हटाए जाने का आदेश दे दिया गया। चर्च वाले हर जगह भागे लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। मदद के लिए उस वक्त सामने आए बीजेपी नेता आर बालाशंकर जो बीजेपी के नेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम के को-कन्वेनर हैं। बालाशंकर ने चर्च को बचाने के लिए प्रधानमंत्री तक अपनी बात पहुंचाई। बालाशंकर की कोशिश रंग लाई। प्रधानमंत्री तक बात पहुंची तो पुरातत्व विभाग ने भी मामले में दखल दिया। चर्च को ऐतिहासिक महत्व की वस्तु में शामिल किया गया और चर्च बच गया।

एलडीएफ-यूडीएफ ने नहीं दिया था साथ

एलडीएफ-यूडीएफ ने नहीं दिया था साथ

अब यही बालाशंकर चेंगन्नूर सीट से चुनाव लड़ने वाले हैं। ऐसे में चर्च ने उनका समर्थन करने का फैसला किया है। मलंकारा ऑर्थोडॉक्स सीरियन चर्च के प्रवक्ता फॉदर जॉन्स अब्राहम ने कहा चर्च के हेड चाहते हैं कि सभी अनुयायी राजनीतिक स्वार्थों और मतभेदों को बाहर रखते हुए बीजेपी नेता आर बालाशंकर को वोट करें।

फादर जॉन्स ने कहा "अगर बालाशंकर को जीत के लिए वोट नहीं दिया जाता है, तो यह अहसानफरामोशी होगी। प्रधान मंत्री ने चेप्पड चर्च के मुद्दे पर हस्तक्षेप किया था, जिसके बाद बाद यह पुरातत्व विभाग को सौंप दिया गया। इस तरह चर्च को गिराए जाने को निर्णय को कूड़ेदान में डाल दिया गया।"

उन्होंने आगे कहा "ये बालाशंकर थे जिन्होंने इस ऐतिहासिक चर्च को बचाने के प्रयास के लिए हिम्मत दिखाई। वह चेंगन्नूर से बीजेपी उम्मीदवार हैं जहां पर ऑर्थोडॉक्स चर्च का असर है। जब एलडीएफ और यूडीएफ (राज्य के दो प्रमुख गठबंधन) ने चर्चा की रक्षा के लिए बिना कोई मदद दिए खुद को इस मुद्दे से दूर रखा, तब बालाशंकर ही थे जिन्होंने चर्च के सदस्य की तरह हस्तक्षेप किया।"

दूसरी पार्टियों के पास भी गया था चर्च

दूसरी पार्टियों के पास भी गया था चर्च

जो जानकारी मौजूद है उसके मुताबिक चर्च ने भाजपा सहित दूसरे राजनीतिक दलों के समक्ष इस मुद्दे को उठाया था। पिछले महीने ही यह मुद्दा बालाशंकर के सामने आया था, जिन्होंने इस मामले को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के ध्यान में लाने के लिए कदम उठाए थे।

इसके बाद, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकारियों ने चर्च का निरीक्षण किया, और कहा कि चर्च केरल में सबसे दुर्लभ में से एक है, जिसमें वेदी की दीवारों पर दुर्लभ और सुंदर भित्ति चित्रों के साथ पारंपरिक वास्तुशिल्प पैटर्न हैं।

केरल की राजनीति में ईसाई समुदाय का बड़ा ही महत्व है। राज्य की 3.30 करोड़ की आबादी में लगभग 18 प्रतिशत ईसाई समुदाय के लोग हैं। उसमें मलंकारा चर्च के बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। यह सीरियन ऑर्थोडॉक्स परंपरा का ये चर्च न सिर्फ केरल बल्कि भारत के सबसे पुराने चर्चों में से एक है।

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