ठेला लगाकर फल बेचते बालक का भी काट दिया चालान, उसे रोता देखकर लोगों का गुस्सा फूटा- VIDEO
सूरत। देशभर में आपको कहीं भी बच्चे-बुजुर्ग फल-सब्जी बेचते दिख ही जाते होंगे। सुबह से लेकर रात तक वे ऐसे ही छोटे-मोटे काम-धंधे करके अपने परिवार की आमदनी निकालते हैं। किंतु पुलिस-प्रशासन नियम-कायदों का हवाला देकर ऐसे ही लोगों को ज्यादा निशाना बनाते हैं। अधिकारियों और उनके दस्ते को मानो गरीबों-असहायों की परेशानियों से कोई लेना देना ही न हो।
Recommended Video

सूरत की घटना
ताजा मामला सूरत शहर का है, जहां निगम के दस्ते ने फल बेच रहे एक बच्चे का 400 रुपए का चालान कर दिया। बच्चा पैसे देने के बाद रोने लगा। उसने जैसे-तैसे इतने रुपए कमाए थे। उसे रोते देखकर लोग एकत्रित होने लगे। काफी लोग गुस्सा भी हो गए और प्रशासनिक अमले को खरी-खोटी सुनाने लगे। इस दौरान कुछ लोगों ने वीडियो भी रिकॉर्ड किया। यह वीडियो सोशल साइट्स पर वायरल होने लगा। जिसे विपक्षी दल के नेताओं ने भी देखा। इसके बाद सत्ताधारी पार्टी एवं प्रशासन को निशाने पर ले लिया गया।

लोगों ने कहा- गरीबों को तो यूं परेशान न करें
संवाददाता ने बताया कि, उक्त बच्चा मूलत: बिहार का रहने वाला है और उसके पिता नाम दिलीप शाह है। यह परिवार सूरत में फल-सब्जी बेचा करता था। स्कूल बंद होने के चलते उनका 15 वर्षीय बेटा फल के ठेला लगाकर उनका हाथ बंटा रहा था। रोज की तरह वह फलों के ठेला लगाए खड़ा था, तभी पालिका के अधिकारी आ धमके। उन्होंने गलत जगह ठेला खड़ा करने का कारण देते हुए उसका 400 रुपए का चालान किया। जबकि, बच्चे ने दिनभर में 500 रुपए का ही धंधा होने का कारण बताया। चालान के चार्ज से वह रोने लगा था।

निगम आयुक्त को लिखी चिट्ठी
बच्चे को रोता देखकर स्थानीय लोग इकठ्ठा हो गए। लोगों ने जिम्मेदार दस्ते के लोगों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। वहीं, एक व्यक्ति ने उसे 500 रुपये देने का प्रयास भी किया, लेकिन खुद्दार बच्चे ने रुपये लेने से इंकार कर दिया। ज्यादातर लोगों का यही कहना था कि, ऐसे मुश्किल दौर में कम से कम गरीबों को तो यूं परेशान नहीं करना चाहिए। शहर कांग्रेस प्रमुख ने घटना की निंदा करते हुए कमिश्नर को लिखित में आवेदन भी दिया।












Click it and Unblock the Notifications