'मेक इन इंडिया' के तहत सूरत में बने K-9 वज्र टैंक सेना को सौंपेंगे PM मोदी, ये हैं खासियतें

सूरत में 'मेक इन इंडिया' के तहत बने इस टैंक के आगे बोफोर्स भी फेल, किए जा सकते हैं 104 राउंड फायर, ऑपरेशनल रेंज 480 किमी..

Gujarat News, सूरत। भारतीय सेना के बेड़े में स्वदेश निर्मित अब एक और युद्धक टैंक शामिल होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सूरत में बने बहुउद्देश्यी K-9 वज्र टैंक को सेना के लिए सौंपेंगे। इस वज्र टैंक को महत्वाकांक्षी योजना 'मेक इन इंडिया' के तहत सूरत एलएंडटी प्लांट में विकसित किया गया है। हाल ही इसे ट्यूनिंग टेस्ट के लिए सेना के पास भेजा गया था, अब 19 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में यह हमेशा के लिए युद्धक बेड़े में शामिल हो जाएगा। इस टैंक में ऐसी कई खासियतें हैं, जिनके चलते इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

Hindi.oneindia.com पर जानिए क्या हैं K-9 थंडर 'वज्र' आर्टिलरी सिस्टम की विशेषताएं

'टैंक सेल्फ प्रोपेल्ड होवरक्राफ्ट गन'

'टैंक सेल्फ प्रोपेल्ड होवरक्राफ्ट गन'

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, सूरत के हजीरा के L&T प्लांट में तैयार की गईं K-9 वज्र टैंक काफी एडवांस है। इसे 'टैंक सेल्फ प्रोपेल्ड होवरक्राफ्ट गन' कहते हैं। इसमें कई ऐसी खासियतें हैं, जिनके चलते ये बोफोर्स टैंक को भी पीछे छोड़ सकती हैं। बोफोर्स टैंक जहां एक्शन में आने से पूर्व पीछे जाती है, वहीं K-9 वज्र टैंक स्व-संचालित है। इस टैंक के निर्माण के लिए हजीरा में खास फैक्ट्री बनाई गई।

50 किमी तक मार सकती हैं इसकी तोप

50 किमी तक मार सकती हैं इसकी तोप

K9-'वज्र' एक आॅटोमैटिक कैनल बेज्ड आर्टिलरी सिस्टम है, जिसकी कैपिसिटी 40 से 52 किलोमीटर (विस्तारित मोड) तक है। वहीं, ऑपरेशनल रेंज 480 किमी है।

दागे जा सकते हैं 15 सेकंड के भीतर 3 गोले

दागे जा सकते हैं 15 सेकंड के भीतर 3 गोले

K9-'वज्र' में MRSI मोड में गोले को रखने की क्षमता है, जिसे मल्टीपल राउंड्स मेल्टीनेशनल इफेक्ट भी कहा जाता है। MRVI मोड में K-9 वज्र केवल 15 सेकंड के भीतर तीन गोले दाग सकता है।

104 राउंड फायर की कैपिसिटी

104 राउंड फायर की कैपिसिटी

K10 एमिशन रिसप्लाय व्हीकल (ARV) - K9 सिस्टम K10 के साथ आता है, यह एक ऑटोमैटिक डिस्प्ले व्हीकल है, जो K9 की डायनामिक्स को बनाए रखता है और रियर मेन आर्टिलरी बैटरी को फॉलो करता है। गोले की अधिकतम ट्रान्सफर रैट 12 राउंड प्रति मिनट है। अधिकतम गोले की क्षमता-104 राउंड फायर की हैं।

प्राइवेट कंपनी को अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर

प्राइवेट कंपनी को अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर

बता दें कि हजीरा स्थित L&T प्लांट एक निजी कंपनी है, मगर मेक इन इंडिया के तहत 2018 में इसे ही बड़ा ऑर्डर दिया गया था। इस ऑर्डर के तहत 100 टैंक तैयार किए जाने हैं। ऐसे में ये किसी निजी क्षेत्र को दिया गया अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर कहा जा सकता है। वहीं, सूरत शहर के लिए भी गर्व की बात है कि सरहद की रक्षा करने वाली आधुनिक टैंक यहां विकसित हो रही हैं।

42 महीने में भारतीय सेना को मिलेंगे ये टैंक

42 महीने में भारतीय सेना को मिलेंगे ये टैंक

L&T (इंडिया) ने मेक इन इंडिया के तहत हनवा टैंक विन (दक्षिण कोरिया) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। जिसके अनुसार सूरत के हजीरा स्थित L&T प्लान्ट में K-9 थंडर 'वज्र' आर्टिलरी सिस्टम के 100 टैंक का उत्पादन कीया जाएगा। L&T द्वारा निर्मित 155 मिमी / 52 कैलिबर की स्व-चालित बंदूक सिस्टम को भी 42 महीने के भीतर भारतीय सेना को सौंप दी जाएगी।

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