90 वर्षीय बुजुर्ग के फेफड़े 80% कोरोना संक्रमित हो गए थे, सोच रहे थे नहीं जी पाएंगे, लेकिन 25 दिन बाद घर लौटे
सूरत। गुजरात में सूरत के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग को कोरोना हो गया था। जिससे उनके फेफड़ों में 80% इंफेक्शन हो गया था और वे जीने की उम्मीद छोड़ चुके थे। वे अपनी वसीयत तक भी बनवा चुके थे। हालांकि, तमाम मुश्किलों के बावजूद वे 25 दिन में ठीक होकर घर गए। बुजुर्ग की पहचान धरमशीभाई भालाणा के तौर पर हुई है, जो कि वराछा के आइसोलेशन सेंटर से डिस्चार्ज किए गए।

मोटा वराछा के कम्युनिटी हॉल में बने कोविड आइसोलेशन सेंटर से 25 दिन में डिस्चार्ज होने पर धरमशीभाई को ढोल बजाकर बधाइयां दी गईं और उन्हें फूल-हार पहना कर उनके घर भेजा गया। आइसोलेशन सेंटर से जुड़े एक कर्मचारी ने बताया कि, 90 वर्षीय धरमशीभाई के फेफड़ों में 80 से 85% इंफेक्शन हो गया था। शुरूआत में उनका 5 दिनों तक सिविल हॉस्पिटल में इलाज करवाया गया था। उसके बाद इन्हें इस आइसोलेशन सेंटर में लाया गया।

यहां उन्हें 25 दिन इलाज दिया गया। उसके बाद बुधवार शाम 5 बजे जब धरमशीभाई को डिस्चार्ज किया गया तो उत्सव मनाया गया। उन पर फूल बरसाए गए। लोगों ने कहा कि, ऐसे मामले बहुत कम सामने आते हैं। फेफड़ों में इतना नुकसान होने और उम्र काफी ज्यादा होने पर भी उनकी जान बच गई।













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