कश्मीर घाटी में बाढ़: जिन पर बरसते हैं पत्थर, उन्होंने ही बचाई कईयों की जान

जम्मू और कश्मीर में प्राकृतिक आपदा के दौरान सेना एक बार फिर से देवदूत बन कर अपने नागरिकों को बचाने के लिए आगे आई है।

4 लोगों की हुई मौत

4 लोगों की हुई मौत

श्रीनगर। जम्मू और कश्मीर का अधिकांश हिस्सा एक बार फिर बाढ़ की चपेट में है। झेलम खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। गलियां, नाला बन गई हैं और नदियां अपने खतरे के निशान से ऊपर उठकर हाहाकार मचाने की ओर बढ़ रही हैं, अब तक इस बाढ़ के चार लोगों की मौत भी हो चुकी है।

जिन पर बरसतें है पत्थर

जिन पर बरसतें है पत्थर

हालांकि हर बार पत्थर का जवाब ना देने वाली भारतीय सेना फिर से अपने नागरिकों की सेवा में तत्पर है। जिन इलाकों से जवानों पर पत्थर बरसते थे, जवान वहां भी लोगों को बचा रहे हैं।

झेलम किनारे वालों से कहा- रहे अलर्ट

झेलम किनारे वालों से कहा- रहे अलर्ट

बता दें कि पहले बर्फबारी और फिर बारिश के चलते राज्य में मौसम की स्थिति खराब हो गई। घाटी में बाढ़ की स्थिति के कारण सोमवार तक के लिए स्कूल कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। बता दें कि घाटी में दक्षिणी कश्मीर में संगम और सेंट्रल कश्मीर में राम मुंशी बाग के पास झेलम खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिसके चलते किनारे रहने वालों को अलर्ट किया गया है। कहा गया है कि लोग नदी किनारे जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।

मोदी ने की मुफ्ती से बात

मोदी ने की मुफ्ती से बात

दूसरी ओर घाटी में लगातार बर्फबारी और बारिश के चलते राज्य में खराब मौसम के कारण मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुफ्ती को मदद का आश्वासन दिया है। पीएम मोदी ने शुक्रवार को मुफ्ती से बात की। ट्विटर पर पीएम ने लिखा जम्मू और कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से राज्य में बाढ़ के हालात पर बात की। उन्हें केंद्र से हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

गांवो का जिला मुख्यालयों से टूटा संपर्क

गांवो का जिला मुख्यालयों से टूटा संपर्क

राज्य में बिगड़े मौसम के कारण बिजली और परिवहन की व्यवस्था पर खास प्रभाव पड़ा है। कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट चुका है। हालांकि सेना की ओर से जारी कार्रवाई के चलते लोगों को काफी राहत मिल रही है। सेना गलियो में चप्पू चलाकर लोगों को बचा रही है।

34 लोगों को किया एयरलिफ्ट

34 लोगों को किया एयरलिफ्ट

घाटी के ही पुंछ में बाढ़ में फंसे 34 लोगों को एयरलिफ्ट किया गया। गौरतलब है कि साल 2014 में भी ऐसी ही भीषण बाढ़ ने कश्मीर को अस्त व्यस्त कर दिया था। उस वक्त कश्मीर की मदद के लिए पूरा देश आगे आया था।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+