Sania Mirza टेनिस छोड़कर क्रिकेट से भी जुड़ गई थीं, उनकी 5 वो बातें जिनके बारे में शायद आप नहीं जानते
Sania Mirza: सानिया मिर्ज़ा आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। भारत में टेनिस को आगे बढ़ाने में उनका बड़ा रोल रहा है। टेनिस से संन्यास लेने के बाद भी सानिया मिर्जा की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है। वह सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा एक्टिव रहती हैं।
शोएब मलिक से तलाक के बाद सानिया मिर्जा को फैन्स का काफी समर्थन मिलता है। हालांकि खेल की कई ऐसी उपलब्धियां हैं, जो सानिया के बारे में लोगों को पता नहीं होगी। इसके अलावा कुछ तथ्य भी ऐसे हैं, जो कम लोग ही जानते हैं। इनके बारे में आपको जरूर जानना चाहिए।

- सानिया मिर्जा को टेनिस में उनके पिता लेकर आए थे। पहली बार जब सानिया ने टेनिस रैकेट पकड़ा था, तब उनकी उम्र महज 6 वर्ष की थी। शायद उनको इस गेम के बारे में पता भी नहीं होगा। उनके पैरेंट्स ने सानिया को इसी खेल में भेजने का फैसला लिया।
- सानिया ने 12 साल की उम्र से टेनिस में प्रोपर ट्रेनिंग शुरू कर दी थी। उनके पिता इमरान मिर्जा ही उनके ट्रेनर बन गए। इसके बाद धीरे-धीरे इस गेम में वह आगे बढती चली गईं। साल 2003 में उनके खाते में एक बड़ी उपलब्धि आई। उन्होंने विम्बलडन जूनियर का ख़िताब अपने नाम कर लिया। इसके अलावा वह WTA टाइटल जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं।
- करियर की शुरुआत में सानिया ने सिंगल प्लेयर्स के रूप में खेलना शुरू किया था। बाद में उन्होंने डबल्स में स्विच कर लिया। वह एक मिलियन यूएस डॉलर से भी ज्यादा पाने वाली पहली भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी हैं। भारतीय महिला टेनिस प्लेयर्स में वह सबसे ज्यादा अमीर भी हैं।
- टेनिस में भारत के लिए उत्कृष्ट योगदान के लिए उनको सरकार से अवॉर्ड भी मिला था। साल 2004 में सानिया मिर्जा को अर्जुन अवॉर्ड से नवाजा गया। इसके अलावा महिला डबल्स में ग्रैंडस्लैम जीतने के मामले में वह पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं।
- टेनिस से संन्यास के बाद सानिया मिर्ज़ा ने क्रिकेट की तरफ रुख किया था। साल 2023 में महिला प्रीमियर लीग की फ्रेंचाइजी आरसीबी के साथ सानिया मिर्जा ने बतौर मेंटर काम किया था। इस तरह उन्होंने एक अलग भूमिका अदा की।












Click it and Unblock the Notifications