376 फाइट जीतने वाला फाइटर आया वापस, झोपड़ी में गरीबी के बाद मचाया तहलका, कौन है यह दिग्गज?

हुनरमंद इंसान ही गरीबी की बेड़ियों को तोड़कर कामयाबी और शोहरत हासिल कर सकता है। कुछ ऐसा ही काम मॉय थाई मार्शल आर्ट्स के धुरंधर सैम-ए गैयानघादाओ ने भी किया। जिस उम्र में बड़े-बड़े फाइटर खेल को अलविदा कह देते हैं, उस 42 वर्षीय की आयु में थाई दिग्गज अपने करियर को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। अब उनका सामना 19 दिसंबर को साल के आखिरी ONE Championship इवेंट के स्ट्रॉवेट मॉय थाई मुकाबले में हमवतन फाइटर जाओसुयाई से होगा।

एक झोपड़ी में बीता बचपन

थाईलैंड की अधिकतर आबादी की तरह ही सैम-ए का बचपन बेहद अभाव में गुजरा। उनके परिवार के लिए जीवनयापन बहुत ही कठिन काम था। घर भी ऐसा कि अगर कोई मेहमान आ जाए तो यह सोचने पर मजबूर होना पड़े कि सब आखिर सोएं कहां।

Sam-A Gaiyanghadao

उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया, "मेरे और मेरे परिवार के लिए जीवन बहुत ही कठिन था क्योंकि हम लकड़ी से बनी झोपड़ी में रहते थे। उस झोपड़ी में कोई दरवाजा तक नहीं था। मेरे माता-पिता एक तरफ सोते थे और हम तीन बच्चे एक तरफ। तब लगता था कि पैसे कमाना नामुमकिन काम है।"

मॉय थाई खेल में आने से बदला जीवन

उन्होंने 9 वर्ष की छोटी सी उम्र में मॉय थाई खेल में कदम रखा। शुरुआत में फाइट करने को लेकर माता-पिता नहीं माने, जिसकी वजह से सैम-ए खूब फूट-फूटकर रोए। लेकिन अंत में उनका परिवार माना और बाकी इतिहास बन गया है।

किसी को अंदाजा नहीं था कि एक बेहद साधारण परिवार में पैदा हुआ यह बच्चा मॉय थाई खेल में नई इबारत लिखेगा। उन्होंने थाईलैंड और फिर ONE Championship में हर बड़ा खिताब अपने नाम किया और वो अब तक 430 से ज्यादा मैच लड़ चुके हैं, जिनमें उन्हें 376 मुकाबलों में जीत मिली।

उन्होंने अपने सफर के बारे में कहा, "मैंने ट्रेनिंग की और फाइट करता रहा। धीरे-धीरे मुझे कामयाबी मिली और लोग मेरा नाम जानने लगे। अब मेरे पास घर है, गाड़ी है और मेरा परिवार आराम की जिंदगी जी रहा है। मुझे लगातार आगे बढ़ना है।"

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