'देश के लोगों ने दी है मेडल लाने की जिम्मेदारी', जंतर-मंतर पर ही ट्रेनिंग में जुटे धरने पर बैठे पहलवान- VIDEO
विरोध प्रदर्शन के पास ही ट्रेनिंग में जुट गए हैं भारतीय पहलवान। सड़क पर चल रही है ट्रेनिंग, दौड़ और दांवपेंच। बजरंग पुनिया ने कहा है पुलिस ने अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई है।

जंतर मंतर पर रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे भारतीय पहलवानों का कहना है कि पुलिस ने अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है। ओलंपिक मेडलिस्ट बजरंग पुनिया की अगुवाई में हो रहे इस विरोध प्रदर्शन में पहलवानों ने जंतर मंतर के पास ही अपना डेरा डाला हुआ है और वहीं पर वे प्रैक्टिस भी कर रहे हैं।
इस बारे में बात करते हुए पुनिया का कहना है कि, देश के देश की जनता ने हमें मेडल जीतने की जिम्मेदारी दी है और हमें इसे पूरा करने की जरूरत है। हम यहां पर शांति से विरोध प्रदर्शन और ट्रेनिंग दोनों कर रहे हैं। पुलिस ने अभी तक कोई FIR भी रजिस्टर नहीं की है। तो पुलिस हमें विरोध प्रदर्शन या ट्रेनिंग करने से कैसे रोक सकती है?
इस दौरान भारतीय पहलवानों की फोटो और वीडियो काफी वायरल हो रही है जो अपने विरोध प्रदर्शन की जगह पर ही सड़क पर ट्रेनिंग कर रहे हैं और उनका कहना है कि वे यहीं पर ही खाएंगे, यही सोएंगे और एक्सरसाइज भी करेंगे।
वीडियो में आप देख सकते हैं कि बिल्कुल अखाड़े जैसा सीन नजर आ रहा है जहां पहलवान एक दूसरे से भिड़ते हुए नजर आ रहे हैं, दांवपेच लगाते हुए नजर आ रहे हैं और पसीने से लथपथ उनकी ट्रेनिंग चल रही है। बराबर में पुलिस भी खड़ी है और प्रेस कैमरामैन भी खड़े हैं जो फुटेज तैयार कर रहे हैं।
#WATCH | Wrestlers protesting at Delhis Jantar Mantar demanding an FIR against the WFI president hold their morning exercise and training session at the protest site pic.twitter.com/sRmf1YXPYo
— ANI (@ANI) April 26, 2023
इस दौरान विनेश फोगाट बहने भी एक दूसरे से द्वंद कर रही हैं। भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष ब्रिज भूषण शरण सिंह के खिलाफ पहलवानों ने मोर्चा खोल रखा है। रविवार शाम 4:00 बजे जंतर मंतर पर प्रेस प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई थी और उसके बाद से पहलवान डटे हुए हैं।
उनका कहना है कि भारतीय कुश्ती संघ के पदाधिकारियों की गलत हरकतों की जांच के लिए जो कमेटी उसकी रिपोर्ट सबमिट हो चुक है लेकिन इस रिपोर्ट में क्या है ये कोई हमें नहीं बता रहा है। इसलिए यह मामला कोर्ट में है। फिलहाल पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और इस याचिका में 7 महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न की शिकायत की है।
पहलवान पहले भी धरना प्रदर्शन में साफ कह चुके थे कि किसी राजनीतिक मकसद से यह प्रदर्शन नहीं किया जा रहा है और यहां पर सभी का स्वागत है। यहां तक कि बीजेपी भी यहां आ सकती है। यहां कोई वोट मांगने नहीं आ रहा है। ना ही हम पहलवान राजनीति करने आए हैं।
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