रोनाल्डो को टीम से ड्रॉप कर दिया जाए, पुर्तगाल के 70% लोगों की राय
क्रिस्टियानो रोनाल्डो फुटबॉल की दुनिया में अलग नाम रखते हैं लेकिन निराशाजनक खेल के कारण फैन्स नाराज हैं। पुर्तगाल के लोगों ने उनको टीम से बाहर करने की राय दी है।

पुर्तगाल के 70 फीसदी लोग चाहते हैं कि क्रिस्टियानो रोनाल्डो को स्विट्जरलैंड के खिलाफ होने वाले मैच से बाहर कर दिया जाय। यह खुलासा पुर्तगाल के अखबार 'ए बोला’ के एक सर्व में हुआ है। पुर्तगाल को प्री क्वार्टर फाइनल में आज रात स्विट्जरलैंड के खिलाफ मैच खेलना है। इस मैच के लिए अखबार ने अपने पाठकों से रोनाल्डो के खेल को लेकर सवाल पूछा था। उत्तर हां या न में देना था। 70 फीसदी पाठकों की राय थी कि रोनाल्डो को स्विट्जरलैंड के खिलाफ होने मैच से ड्रॉप कर दिया जाय। फीफा वर्ल्ड कप 2022 के खिलाड़ियों की रेटिंग करने वाली वेबसाइट सोफास्कोर ने ग्रुपस्टेज में खराब प्रदर्शन वालों की एक टीम बनायी है। सोफास्कोर ने अपने आंकलन में रोनाल्डो के खेल को निराशाजनक पाया है और उन्हें इस खराब प्रदर्शन करने वाली टीम का हिस्सा बनाया है। इसके अलावा रोनाल्डो विश्वकप में विवादों में भी रहे। वे दुनिया के सबसे महंगे और बेहतरीन फॉरवर्ड में एक हैं। फिर उनके देश के लोग आखिर क्यों उन्हें टीम से बाहर करना चाहते हैं?
अब वे CR7 नहीं बल्कि CR37 हैं
पुर्तगाल के अखबार 'ए बोला’ में एक पाठक ने रोनाल्डो के सवाल पर अपनी राय कुछ इस तरह जाहिर की। “अब वे सीआर7 नहीं बल्कि सीआर37 हैं।” यहां सीआर का मतलब क्रिस्टियानो रोनाल्डो है। 7 का मतलब उनकी जर्सी का नम्बर है। रोनाल्डो 7 नम्बर की जर्सी पहनते हैं। 37 का मतलब उनकी उम्र है। इस पाठक के कहने का मतलब यह है कि अब रानाल्डो उम्रदराज हो चुके हैं। वे पहले की तरह नहीं खेल रहे इसलिए टीम से ड्रॉप कर दिया जाय। एक अन्य पाठक ने लिखा, आप किस बात के स्ट्राइकर हैं ? आप शेप में नहीं हैं। टाइटल तो जीतना चाहते हैं लेकिन हर सातवें दिन बीमार पड़ जाते हैं। कुछ पाठकों ने उनके मैनचेस्टर यूनाइटेड से विवाद का मुद्दा भी उठाया है।
ग्रुप स्टेज में रोनाल्डो का खेल निराशजनक
2022 के विश्वकप फुटबॉल प्रतियोगिता में रोनाल्डो का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। ग्रुप के पहले मैच में पुर्तगाल ने घाना को 3-2 से हराया था। इस मैच में रोनाल्डो ने पेनल्टी से एक गोल किया था। लेकिन इसके बाद वे ग्रुप मैच में कोई गोल नहीं कर सके। रोनाल्डो की काबिलियत उनके फील्ड गोल से है। प्रशंसक उनके बेहतरीन फुटवर्क, बॉल कंट्रोल और ड्रिब्लिंग का नजारा देखना चाहते थे। लेकिन उन्हें निराश होना पड़ा। वे ग्रुप मैच में कोई मैदानी गोल नहीं दाग पाये। ऊपर से विवादों में घिर गये। ऊरुग्वे के खिलाफ मैच में उन्होंने ब्रूनो फर्नांडीस के गोल पर अपना दावा कर दिया। जब रेफरी ने यह गोल ब्रूनो के नाम पर मान्य किया तो रोनाल्डो नाराज हो गये। वे रेफरी से तर्क भी करने लगे। पुर्तगाल के लोगों ने रोनाल्डो की इस हरकत को टीम भावना के खिलाफ माना। क्या रोनाल्डो अपने निजी रिकॉर्ड के लिए खेल रहे हैं ? गोल के श्रेय के लिए क्या विवाद करना था ? अगर गोल का श्रेय ब्रूनो को मिल गया तो इसमें नाराज होने की बात क्या थी, टीम तो जीत रही थी ? फिर अगले मैच में रोनाल्डो दक्षिण कोरिया के एक खिलाड़ी से उलझ गये। ऐसी बातें उनके जैसे बड़े और अनुभवी खिलाड़ी के लिए शोभा नहीं देतीं।
मैनचेस्टर यूनाइटेड विवाद
विश्वकप प्रतियोगिता में आने से पहले रोनाल्डो का उनके क्लब मैनचेस्टर यूनाइटेड से विवाद हो गया था। उन्होंने एक टीवी इंटरव्यू में कहा था, क्लब के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें टीम से बाहर करने की कोशिश की थी। मैनचेस्टर यूनाइटेड ने उन्हें धोखा दिया। उन्होंने क्लब के कोच एरिक टैन हैग की सार्वजनिक आलोचना की थी। ये विवाद तब शुरू हुआ जब दो मैचों में उन्हें मैनचेस्टर यूनाइटेड की टीम से बाहर कर दिया गया। क्लब का कहना था कि रोनाल्डो को कोई अज्ञात बीमारी है जिसकी वजह से उन्हें प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं बनाया गया। क्लब की टीम से ड्रॉप होने पर वे भड़क गये थे। पिछले अक्टूबर में मैनचेस्टर यूनाइटेड का टोटेनहैम क्लब से मैच था। इस मैच में जब टीम के कोच एरिक ने रोनाल्डो को स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में मैदान पर उतरने के लिए कहा तो उन्होंने इंकार कर दिया था। इन बातों से रोनाल्डो की छवि प्रभावित हुई है। पुर्तगाल के लोग ये बातें भूल भी जाते अगर उन्होंने विश्वकप में टीम के लिए धांसू प्रदर्शन किया होता। प्रशंसक इस बात से भी खफा हैं कि उनकी टीम दक्षिण कोरिया से क्यों और कैसे हार गयी।












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