WTC Final: किस टारगेट पर रहेगी टीम इंडिया की नजरें, ओवल के मैदान पर क्या है चौथी पारी का रिकॉर्ड
WTC Final 2023: लंदन के केनिंग्टन ओवल में भारतीय क्रिकेट टीम को चौथी पारी में कितने टारगेट की जरूरत होगी कि वह खुद को जीत से बहुत दूर ना पाए, आइए देखते हैं।

Fourth Innings Record at Oval: भारतीय क्रिकेट टीम के लिए ओवल टेस्ट का चौथा दिन काफी महत्वपूर्ण है, जहां उनकी नजरें ऑस्ट्रेलिया को कम से कम लीड देने पर होंगी। कंगारू टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के इस मुकाबले में पहले ही 296 रनों की विशाल बढ़त हासिल कर चुकी है। ऐसे में भारत अगर 50-100 के अंदर ऑस्ट्रेलिया को निपटा देता है तो उनके पास जीत के लिए खड़े होने का मौका बन सकता है।
चौथी पारी के क्या टारगेट ठीक रहेगा-
हालांकि यह काम आसान नहीं दिखाई दे रहा है, लेकिन भारत की नजर दिन के पहले सीजन पर रहेंगी जहां गेंद कुछ हरकत करती है और विकेट मिलने की संभावना रहती है। भारतीय क्रिकेट टीम के लिए केनिंग्टन ओवल के मैदान पर किस तरह का टारगेट चौथी पारी के लिए ठीक रहेगा, इस पर एक नजर डालते हैं।
क्रिकेट बदल रहा है-
शार्दुल ठाकुर ने कहा है कि आजकल टेस्ट क्रिकेट में 450 रन भी बन जाते हैं। तो सौरव गांगुली ने कहा है कि 350 से 360 के बीच का स्कोर भारत हासिल कर सकता है। लेकिन जब बात करते हैं इस मैदान के इतिहास की तो हम पाते हैं कि यहां 100 साल से भी अधिक समय पहले एक टारगेट चेज हुआ था जो अभी तक चौथी पारी का सबसे बड़ा सफलतापूर्वक किया गया लक्ष्य का पीछा है।
सबसे बड़ा चेज सौ साल से पहले पहले हुआ था-
1909 में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 263 रनों का लक्ष्य हासिल किया था। इस टारगेट को हासिल करने के दौरान इंग्लैंड के 9 विकेट गिर गए थे। कोई भी टीम इससे ज्यादा बढ़ा टारगेट यहां हासिल नहीं कर पाई है। लेकिन हम सकते हैं कि पिछले कुछ सालों में टेस्ट क्रिकेट काफी तेजी से बदला है। भारत में पहली पारी में रहाणे, ठाकुर और रवींद्र जडेजा की बल्लेबाजी ने जो काउंटर अटैक किया, वह भी काबिले तारीफ था।
भारत को 1979 में किए प्रदर्शन से प्रेरणा लेनी होगी-
टीम इंडिया को यहां 1979 टेस्ट के सबक लेना होगा, जब उन्होंने इस मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ चौथी पारी में 8 विकेट पर 429 रन बना दिए थे। यह लंदन के ओवल में किसी भी टीम द्वारा चौथी पारी में बनाया गया सर्वश्रेष्ठ स्कोर भी है। भले ही यह मैच ड्रा हुआ था लेकिन इस बात को ध्यान में रखते हुए टीम इंडिया वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत की दावेदारी पेश कर सकती है।
ओवल में चौथी पारी पर एक झलक-
इसके अलावा भी भारत 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ चौथी पारी में 345 रन बना चुका है, लेकिन वह मैच इग्लैंड जीत गई थी। ओवल में 1947 में साउथ अफ्रीका ने 423 रन बनाए हुए हैं। 2007 के टेस्ट मैच में इंग्लैंड की टीम ने 369 रन बनाए हुए हैं और 2009 में ऑस्ट्रेलिया ने 348 रन बनाए हुए हैं। लेकिन यह सब प्रदर्शन करके भी कोई टीम यहां जीत नहीं पाई।
चौथी पारी के औसत स्कोर से ज्यादा तो लीड हो चुकी है-
यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि ओवल में चौथी पारी का औसत स्कोर 156.56 ही है जहां प्रति विकेट औसत स्कोर 28.11 है। इस लिहाज से हर 10 विकेट पर यहां औसतन 281 रन बनते हैं। यानी एक टीम ऑल-आउट होने से पहले ओवल में 300 के करीब औसतन पहुंच सकती है।
ये रिकॉर्ड भारत को थोड़ी राहत दे सकता है लेकिन 296 रनों की लीड वे पहले ही खा चुके हैं। ऐसे में यही कहना ठीक लगता है कि यहां भारत बहुत अच्छा प्रदर्शन करने के बाद 350-400 के बीच का टारगेट हासिल करने की ओर देख सकता है। लेकिन शर्त यही है कि उसके लिए भी असाधारण क्रिकेट खेलना होगा।












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