World Cup: बाबर आज़म के ऊपर किसी ने काला जादू तो नहीं किया? मिकी आर्थर के दिमागी संतुलन पर सवाल
Babar Azam: विश्वकप 2023 में शोहरत की बुलंदी पर सवार होकर आई पाकिस्तान टीम के कदम इस कदर हिल गए हैं कि सेमी-फाइनल का रास्ता लगभग बंद सा नजर आ रहा है। वनडे वर्ल्डकप में भारत से हार का तो इनका लंबा इतिहास है लेकिन एक के बाद एक चार हार और फिर 27 अक्टूबर को चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में साउथ अफ्रिका के हाथों मिली एक रन की करारी हार से पाकिस्तान की भयंकर भद्द पिट रही है। इस लचर प्रदर्शन पर बगले झांक रही टीम के विदेशी कोच मिकी आर्थर डर है कि कहीं बाबर आज़म पर 'काला जादू' तो नहीं किया जा रहा।
कहां तो बाबर आज़म को सबसे बड़ा खिलाड़ी, शाहीन अफरीदी को तोप और पाकिस्तान को संभावित विजेता बताया जा रहा था लेकिन अफगानिस्तान जैसी टीम से हारने के बाद पाकिस्तान की कलई खुलने लगी। गेंदबाजों ने तो टुकड़ों में ठीक-ठाक प्रदर्शन भी किया है लेकिन पहले मैच में रिज़वान के शतक को छोड दें तो पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने प्रायः निराश ही किया है। सलामी बल्लेबाज जहाँ मेन इन ग्रीन के लिए चिंता का सबब बने हुए हैं वहीं बाबर आज़म का हालिया फार्म उनके हिले हुए आत्मविश्वास की गवाही दे रहा है। हलांकि भारत और दक्षिण अफ्रिका के खिलाफ पचासा लगाने वाले पाकिस्तानी कप्तान इस बीच 40-50 रनों की पारी जरूर खेल रहे हैं लेकिन वे इसे बडे स्कोर में परिवर्तित नहीं कर पा रहे हैं।

चिर प्रतिद्वंदी भारत और नौसिखिए अफगानिस्तान से मिली हार का दर्द अभी कम भी नहीं हुआ था कि एक रोमांचक मुकाबले में साउथ अफ्रिका से मिली एक रन की झन्नाटेदार हार ने पाकिस्तानी टीम, सपोर्ट स्टाफ और प्रशंसकों का मानसिक संतुलन हिला दिया है। पाकिस्तानी अखबार द डान के मुताबिक ज़ुम्मे के दिन करारी शिकस्त के बाद पाकिस्तान के कोच मिकी आर्थर को बाबर आज़म पर काले जादू का डर सता रहा है। आर्थर यूं तो अफ्रीकी हैं और दक्षिण अफ्रिका के लिए इन्होने क्रिकेट भी खेला है और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीकी की घरेलू टीमों को कोचिंग भी देते रहे हैं लेकिन जब से पाकिस्तानी टीम के कोच बने हैं उनके बयान चर्चा में रहने लगे हैं।
आर्थर इससे पहले भी बेतुका बयान देकर अपनी जगहंसाई करा चुके हैं। 14 अक्टूबर को भारत से मिली 7 विकेट की भारी पराजय के बाद भी वे नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद की पिच की आलोचना करते हुए वर्ल्डकप को आईसीसी नहीं बल्कि बीसीसीआई का इवेंट बता चुके हैं। एक तरफ आर्थर के बयान को हास्यास्पद बताया जा रहा है वहीं क्रिकेट फॉलोवर्स उनसे सहानुभूति भी रखते हैं। दरअसल, पाकिस्तान का कोच बनना आसान काम भी नहीं है। इस बीच कई प्रशंसक 2007 का वर्ल्डकप भी याद कर रहे हैं। कैरेबियन द्वीप में हुए 2007 का वर्ल्डकप भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए दुःस्वप्न साबित हुआ था। पहले ही राउंड में बाहर हुई भारत की टीम से जहाँ कोच ग्रेग चैपल की छुट्टी कर दी गयी थी वहीं पाकिस्तान के लिए यह दौर और अधिक चुनौतीपूर्ण था। पाकिस्तान की हार के सिलसिले के बीच तत्कालीन कोच बॉब बुल्मर होटल के अपने कमरे में मृत पाए गए थे।
बहरहाल, इस विश्वकप में पाकिस्तान पहले 6 मैचों में से चार गंवाकर सिर्फ दो जीत दर्ज़ कर 4 अंको के साथ छठे स्थान पर खिसक गया है और इसके सेमीफाइनल में जाने की संभावनाएं अत्यंत धूमिल हैं। देखना दिलचस्प होगा कि तथाकथित काले जादू से बाबर, आर्थर और उनकी टीम कैसे बाहर निकलती है।












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