एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में 2 खिलाड़ियों को क्यों चुना गया मैन ऑफ़ द सीरीज? गिल के साथ दूसरा शख्स कौन?
Man of The Series IND vs ENG: ओवल टेस्ट में टीम इंडिया की जीत के साथ ही इंग्लैंड दौरा समाप्त हो गया। इंग्लैंड की टीम ने टीम इंडिया के ऊपर 2-1 की लीड बनाई थी लेकिन अंतिम मैच में भारतीय टीम ने जीत दर्ज करते हुए सीरीज 2-2 की बराबरी पर समाप्त कर दी और मेजबान टीम का अपना तोड़ दिया।
भारत की जीत के बाद प्लेयर्स ने मैदान का चक्कर लगाया। हर कोई खुश था और कप्तान शुभमन गिल भी काफी प्रसन्न दिखाई दिए। होना भी चाहिए क्योंकि गिल ने बल्ले से धमाल मचाने के अलावा टीम को लीड करने का काम भी किया था। उनके पास डबल जिम्मेदारी थी।

शुभमन गिल ने दोनों टीमों की तरफ से सर्वाधिक रन बनाए। इस सीरीज के पांच मैचों में उनका बल्ला जमकर चला। यही कारण है कि उनको मैन ऑफ़ द सीरीज चुना गया। उन्होंने कुल 5 मैच खेलते हुए 754 रनों का स्कोर किया। अन्य कोई खिलाड़ी उनके करीब नहीं था। गिल के बल्ले से 4 शतकीय पारियां आई और 269 रनों का स्कोर बेस्ट रहा।
गिल को मैन ऑफ़ द सीरीज चुना गया, वह ठीक है लेकिन एक और खिलाड़ी को भी यही अवॉर्ड दिया गया। यहां सवाल आता है कि दो प्लेयर्स को एक साथ सीरीज का बेस्ट खिलाड़ी कैसे घोषित किया गया। दूसरा खिलाड़ी इंग्लैंड की टीम से है।
भारतीय कप्तान के साथ इंग्लैंड से हैरी ब्रूक को प्लेयर ऑफ़ द सीरीज चुना गया है। उनके बल्ला भी चला लेकिन ज्यादा रन जो रूट ने बनाए थे। सीरीज 2-2 पर समाप्त हुई है, कई लोग मानते होंगे कि इस वजह से दो प्लेयर्स को मैन ऑफ़ द सीरीज चुना गया है।
रूट ने 537 रन बनाए और ब्रूक के नाम 481 रन है, तो सवाल यह भी है कि रूट को मैन ऑफ़ द सीरीज क्यों नहीं चुना गया। इसमें खिलाड़ी के प्रदर्शन का इम्पैक्ट देखा गया है। ब्रूक ने ओवल में 91 गेंदों में शतक जमाते हुए गहरा प्रभाव डाला और गेम का रुख बदल दिया था। उन्होंने हर बार तेज खेलने का प्रयास किया। रूट से थोड़े पीछे जरुर रहे हैं लेकिन शतक उनके भी 2 हैं।
हैरी ब्रूक की तूफानी बैटिंग वाली रणनीति ने सीधे तौर पर मैचों में प्रभाव डाला है। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों को दबाव में लाने का काम किया है। बैजबॉल क्रिकेट से इंग्लैंड को वनडे जैसा रन रेट देने का प्रयास किया। इस प्रभाव को देखते हुए उनको गिल के साथ संयुक्त मैन ऑफ़ द मैच चुना गया।
यह तो इसका एक पक्ष हुआ है और अब दूसरा पक्ष यह है कि इंग्लैंड में दो प्लेयर ऑफ़ द सीरीज चुनने की प्रथा है। मेजबान टीम के खिलाड़ी को अवॉर्ड मेहमान टीम का कोच देता है, ब्रूक को गौतम गंभीर ने दिया। शुभमन गिल को इंग्लैंड के कोच ब्रेंडन मैकलम ने दिया। दोनों का चयन भी कोच ही करते हैं। इस प्रथा के कारण दो प्लेयर ऑफ़ द सीरीज होते हैं। गंभीर ने ब्रूक में वह इम्पैक्ट वाला मामला देखा, इसलिए रूट को नहीं चुना।












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