सुनील गावस्कर को पहली गेंद उनकी मां ने डाली थी, हाल ही में हुआ है निधन

सुनील गावस्कर की मां मीनल गावस्कर का हाल ही में निधन हुआ है। वे 95 साल की थीं। जब गावस्कर को मां के निधन की सूचना मिली तब वे भारत-बांग्लादेश दूसरे टेस्ट मैच की कमेंट्री कर रहे थे।

Sunil Gavaskar

भारत के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर की मां मीनल गावस्कर का हाल ही में निधन हुआ है। वे 95 साल की थीं। जब गावस्कर को मां के निधन की सूचना मिली तब वे भारत-बांग्लादेश दूसरे टेस्ट मैच की कमेंट्री कर रहे थे। गावस्कर अगर विश्व विख्यात बल्लेबाज बने तो इसमें उनकी मां की अहम भूमिका है। गावस्कर पर उन्होंने एक किताब लिखी है- पुत्र व्हवा ऐसा ( बेटा हो तो ऐसा हो)। ये किताब मराठी में है जिसका प्रकाशन 2018 में हुआ था। मीनल गावस्कर को अपने बेटे के सफल क्रिकेटर बनने पर बहुत गर्व था। सुनील गावस्कर ने खुद क्रिकेट पर कई किताबें लिखी हैं। लेकिन उनकी मां की लिखी किताब बिल्कुल अलग और खास है। ये किताब एक मां की नजर से क्रिकेटर सुनील गावस्कर की कहानी है।

गावस्कर को पहली गेंद उनकी मां ने डाली

मीनल गावस्कर को अपने बेटे सुनील पर बहुत नाज था। लेकिन वे बहुत अनुशासनप्रिय और पढ़ाई को तरजीह देने वाली महिला थीं। उन्होंने सुनील गावस्कर के लिए खेल और पढ़ाई के बीच अद्भुत संतुलन बनाया था। इसकी वजह से सुनील गावस्कर क्रिकेट के साथ साथ पढ़ाई में भी होशियार थे। उन्होंने मुम्बई के प्रतिष्ठित सेंट जेवियर्स कॉलेज से ग्रेजुएशन किया था। सुनील गावस्कर वैसे सौभाग्यशाली खिलाड़ी हैं जिन्होंने क्रिकेट का ककहरा अपनी मां से सीखा। उनके क्रिकेट की शुरुआत घर से हुई थी। मां ने ही उन्हें बैट पकड़ना सिखाया। उनको पहली गेंद मां ने ही डाली थी। वे सीधे-सीधे गेंद फेंकती जिस पर सुनील गावस्कर बैट घुमा कर मारने की कोशिश करते। गावस्कर के बचपन का क्रिकेट टेनिस बॉल से शुरू हुआ था। दरअसल मीनल गावस्कर को क्रिकेट से बहुत लगाव था। वे चाहती थीं कि बेटा पढ़ाई के साथ साथ अच्छा क्रिकेटर भी बने। उनके क्रिकेट से लगाव की वजह थी। उनके भाई माधव मंत्री थे जो भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेल चुके थे। वे अपने बेटे को भाई की तरह टेस्ट क्रिकटेर बनाना चाहती थीं। लेकिन गावस्कार अपनी मां के सपने से भी बहुत आगे गये।

सुनील गावस्कर को मां ईश्वर का उपहार मानती थीं

मीनल गावस्कर मानती थीं कि सुनील उन्हें ईश्वर का दिया हुआ अनमोल उपहार हैं। दरअसल जब गावस्कर का जन्म हुआ ता तब वे अस्पताल के कर्मचारियों की गलती की वजह से एक मछुआरन के बच्चे से बदल गये थे। लेकिन उनके चाचा ने बर्थ मार्क से पकड़ लिया कि बच्चे की अदला-बदली हो गयी है। तब जा कर सुनील गावस्कर को खोज कर मां के पास सुलाया गया। बचपन से ही उनमें प्रतिभाशाली बच्चे की झलक मौजूद थी। सुनील गावस्कर को क्रिकेट सिखाने में उनकी मां कई बार गेंद से घायल भी हुईं लेकिन उन्होंने कभी गुस्सा नहीं किया। गावस्कर को भी अपनी मां की फिक्र थी। तब वे अपनी मां को बचाने के लिए बहुत एहतियात के साथ गेंद खेलते थे। यहीं उनके रक्षात्मक बल्लेबाजी की नींव पड़ी थी।

खेल में भी साहस, निजी जीवन में भी साहस

सुनील गावस्कार ने क्रिकेट में कई विश्व कीर्तिमान बनाये। टेस्ट क्रिकेट में 34 शतक बनाने वाले वे पहले खिलाड़ी हैं। उनका बेखौफ खेलना, आज भी मिसाल है। उन्होंने एंडी रॉबर्ट्स, माइकल होल्डिंग, मैलकम मार्शल, डेनिस लिली, ज्यॉफ थोमसन, रिचर्ड हैडली, इमरान खान जैसे खौफनाक गेंदबाजों के सामने बिना हेलमेट के खेला। इससे उनके साहस और कौशल का अंदाजा लगाया जा सकता है। भारत में उनकी छवि क्रिकेट के महानायक की थी। लोग उनके खेल के दीवाने थे। उन्होंने अपनी लोकप्रियता का समाज के हित में उपयोग किया। 1993 के मुम्बई दंगे के समय गावस्कर ने अकेले खड़ा हो कर एक परिवार को उन्मादी भीड़ से बचाया था।

जब दंगाई भीड़ के सामने दीवार बन गये थे गावस्कर

मुम्बई में जब लगातार बम धमाके होने लगे तो हर तरफ दहशत का माहौल बन गया। सुनील गावस्कर अपने परिवार के साथ छत पर खड़े हो कर माहौल का जायजा ले रहे थे। तभी उन्होंने देखा कि एक उन्मादी भीड़ ने एक परिवार को घेर लिया। वे नफरत की भाषा बोल रहे थे। उन्होंने नुकसान पहुंचाने के इरादे से उस परिवार को घेरा था। तब सुनील गावस्कर घर की छत से नीचे उतरे और भीड़ के सामने खड़े हो गये। उन्होंने भीड़ को ललकारते हुए कहा, अगर तुम इस परिवार को नुकसान पहुंचाना चाहते हो तो उससे पहले मुझ पर हमला करना होगा। गावस्कर मुम्बई की शान और जान थे। भीड़ में कई लोग ऐसे भी थे जो गावस्कर के फैन थे। गावस्कर की बात सुन कर गुस्सायी भीड़ नरम पड़ गयी और उन्होंने उस परिवार को वहां से जाने के लिए रास्ता दे दिया।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+