जिसे ना होने पर मिस किया, उसकी वापसी ने और चिंतित कर दिया, मांजरेकर को हुआ इस बॉलर पर शक
नई दिल्ली, 22 सितंबर: भारत के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर को इस बारे में यकीन कम है कि हर्षल पटेल ऑस्ट्रेलिया की परिस्थितियों में बहुत प्रभावशाली साबित हो सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय टीम T20 वर्ल्ड कप के लिए जाएगी जो 16 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। इससे पहले एशिया कप में जसप्रीत बुमराह और हर्षल पटेल के ना होने पर इन दोनों को काफी मिस किया गया था लेकिन पटेल की वापसी अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू टी-20 सीरीज में हुई है जहां पहले मुकाबले में वे पूरी तरह असफल साबित हुए हैं।

स्लोअर बॉल ऑस्ट्रेलिया की पिचों पर नाकाम साबित हो सकती है
संजय मांजरेकर का कहना है कि हर्षल पटेल की स्लोअर बॉल ऑस्ट्रेलिया की पिचों पर नाकाम साबित हो सकती है जहां पेस और बाउंस देखने को मिलेगा। हर्षल पटेल अपनी इन्हीं धीमी गेंदों के दम पर ही इंटरनेशनल क्रिकेट में आए हैं। उन्होंने इस तरह की गेंदबाजी का रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए काफी अच्छा इस्तेमाल किया है। उन्होंने आईपीएल 2021 में पर्पल कैप भी जीती थे। उन्होंने 32 विकेट हासिल किए थे। लेकिन मोहाली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले में 4 ओवर में 49 रन दिए जिसके चलते कंगारू टीम 4 गेंद शेष रहते हुए 209 रनों के टारगेट का पीछा करने में कामयाब रही।

9 रन प्रति ओवर से ज्यादा की इकॉनमी
स्पोर्ट18 से बात करते हुए का संजय का कहना है कि, हर्षल पटेल कुछ ऐसे खिलाड़ी है जिनको हमने सालों से देखा है। हमने उनको आईपीएल में भी देखा है। वह सूखी पिच पर अच्छा काम करते हैं उनकी कुछ गेंदें वाकई में धीमी आती हैं और तब उनको खेलना मुश्किल हो जाता है।
पर हर्षल को अभी ऑस्ट्रेलिया में T20 मैच खेलना बाकी है। 31 साल के इस खिलाड़ी ने आयरलैंड के टूर पर भी एक मैच में 4 ओवर में 50 प्लस रन दिए थे। 2022 में अभी तक 9 रन प्रति ओवर से ज्यादा की इकॉनमी से बॉलिंग की है। लेकिन टीम मैनेजमेंट ने इस गेंदबाज पर भरोसा जताया है और उम्मीद है कि वे वर्ल्ड कप में विकेट लेंगे।

हर्षल पटेल को लेकर चिंतित होना पड़ेगा
मांजरेकर कहते हैं कि, पिछली बार उनकी स्लोअर बॉलर 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से पड़ती थी तो गेंदबाजी की गति में कोई खास बदलाव नहीं था। पर अगर पिच फ्लैट है, बाउंसी और गति वाली है तो हर्षल पटेल को लेकर चिंतित होना पड़ेगा। और आपको आस्ट्रेलिया में ऐसे ही पिचें मिलने वाली है। तो भारत को यह ध्यान में रखनी चाहिए।
संजय मांजरेकर ने हाल ही में भारतीय गेंदबाजी की नाकामयाबी पर भी चिंता जाहिर की है और कहा है कि जसप्रीत बुमराह की वापसी और मोहम्मद शमी के आने से इस तरह की चीजें ठीक हो सकती हैं। टीम इंडिया एशिया कप में भी हारी थी और उनको सुपर-चार में श्रीलंका व पाकिस्तान से हारना पड़ा था।

शमी, बुमराह की वापसी से कुछ हो सकता है
मांजरेकर कहते हैं कि, गेंदबाजी मोहम्मद शमी के उपलब्ध होने और बुमराह के वापस आने से ठीक हो सकती है। एशिया कप के बाद मैं थोड़ा निराश हो गया था। लेकिन जब आस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत हाल ही में हारा तो मुझे ज्यादा निराशा नहीं हुई क्योंकि बुमराह वापस आ रहे हैं।
बता दें कि बुमराह को मोहाली में हुए पहले मुकाबले में रेस्ट दिया गया था लेकिन 23 सितंबर से शुरू होने जा रहे दूसरे T20 इंटरनेशनल मुकाबले में उनकी वापसी की पूरी उम्मीद है।












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