Rinku Singh Stats: रिंकू सिंह ने कैसे धोनी, मिलर, पोलार्ड और रसेल जैसे धुरंधरों को पछाड़ा?
आइपीएल में रिंकू सिंह ने रन चेज के दौरान 7 पारियां खेलीं और 305 रन बनाये जिनमें चार अर्धशतक रहे। उनका औसत 152.50 और स्ट्राइक रेट 174.28 रहा। इन 7 पारियों में उन्होंने 22 छक्के और 20 चौके जमाये।

IPL 2023: आईपीएल में रिंकू सिंह ने बल्लेबाजी नहीं बल्कि आतिशबाजी की। चौकों और छक्कों से पटाखा फोड़कर जेठ के महीने में ही दिवाली का नजारा पेश कर दिया। मैच फिनिशर के रूप में वे भारत के नये हीरो बने हैं। उनके प्रदर्शन में निरंतरता है। दिलेरी की बात तो पूछिए मत। आखिरी ओवरों में चाहे तेज गेंदबाज हो या स्पिनर, सबकी तबीयत के साथ धुलाई करते हैं।
अगर उन्हें एकदिवसीय विश्वकप के लिए अभी से तैयार किया जाए तो वे भारत के लिए तुरुप का पत्ता साबित हो सकते हैं। आंतिम दो ओवरों में सबसे अधिक रन का रिकॉर्ड कोलकाता के रिंकू सिंह आइपीएल 2023 में रन चेज के नये राजा बने हैं। उन्होंने इस मामले में महेन्द्र सिंह धोनी को पीछे छोड़ दिया है। रिंकू सिंह ने किसी एक सीजन में रन चेज के दौरान अंतिम दो ओवरों में सबसे अधिक रन बनाने का नया आइपीएल रिकॉर्ड बनाया है।
इस साल उन्होंने गुजरात के खिलाफ अंतिम दो ओवरों में 44 रन बनाये थे। फिर गुजरे शनिवार को उन्होंने लखनऊ के खिलाफ अंतिम दो ओवरों में 36 रन बनाये। इसके पहले महेन्द्र सिंह धोनी ने 2019 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ दो ओवरों में 33 रन बनाये थे। अब रिंकू सिंह ने धोनी का यह रिकॉर्ड तोड़ दिया है। उन्होंने इस सीजन दो बार अंतिम दो ओवरों में 33 से अधिक रन बनाये।
रन चेज की 7 पारियों में 22 छक्के
आइपीएल 2023 में रिंकू सिंह ने रन चेज के दौरान 7 पारियां खेलीं और 305 रन बनाये जिनमें चार अर्धशतक रहे। उनका औसत 152.50 और स्ट्राइक रेट 174.28 रहा। इन 7 पारियों में उन्होंने 22 छक्के और 20 चौके जमाये। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है वे रन चेज के समय कितनी आक्रामक बैटिंग करते हैं। कोलकाता की टीम भले प्लेऑफ में नहीं नहीं पहुंच सकी लेकिन रिंकू सिंह एक भरोसेमंद मैच फिनिशर के रूप में उभरे हैं। उनकी बल्लेबाजी कोई तीर-तुक्का नहीं। जब भी टीम को जरूरत हुई उन्होंने रनों की बरसात कर दी।
कार्तिक, मिलर, पोलार्ड और रसेल को भी पछाड़ा
रिंकू सिंह ने न केवल महेन्द्र सिंह धोनी बल्कि दिनेश कार्तिक, डेविड मिलर, किरोन पालार्ड और आंद्रे रसेल जैसे पावर हिटरों को भी पछाड़ दिया है। किसी एक सीजन में नम्बर पांच या इससे नीचे के क्रम पर खेलते हुए सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड अब रिंकू सिंह के नाम दर्ज हो गया है। रिंकू ने आइपीएल 2023 में कोलकाता के लिए खेलते हुए 14 मैचों में 474 रन बनाये हैं। उनका स्ट्राइक रेट 149.52 है। इसके पहले यह रिकॉर्ड दिनेश कार्तिक के नाम था।
कार्तिक ने नम्बर पांच या इससे नीचे के क्रम पर खेलते हुए 2018 में 472 रन बनाये थे। इस पोजिशन पर किसी एक सीजन में डेविड मिलर ने 472 ( औसत में कार्तिक से कम), पोलार्ड ने 419, और आंद्रे रसेल ने 406 रन बनाये थे। मिलर, पोलार्ड और रसेल कातिलाना बैटिंग के लिए जाने जाते रहे हैं। अगर कोई खिलाड़ी इनसे भी आगे निकल जाए तो उसकी योग्यता और क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
वनडे विश्वकप के लिए दावा मजबूत
फटाफट क्रिकेट में उस टीम का पलड़ा भारी रहता है जिस टीम में भरोसेमंद फिनिशर होते हैं। इसी साल भारत में अक्टूबर -नवम्बर के दौरान एकदिवसीय विश्वकप प्रतियोगिता होनी है। भारतीय टीम को भी एक अच्छे मैच फिनिशर की तलाश है। रिंकू सिंह ने आइपीएल 2023 में जिस तरह की धमाकेदार पारियां खेलीं हैं उससे विश्वक कप के लिए उनका दावा मजबूत हो गया है। अगर रिंकू को विश्व कप के मद्देनजर अभी से तैयार किया जाए तो वे भारत के लिए तुरुप का पत्ता साबित हो सकते हैं।
रिंकू सिंह अपने दम पर मैच पलट सकते हैं, इसका प्रमाण उन्होंने आइपीएल में दे दिया है। वे विश्वकप जैसी बड़ी प्रतियोगिता में भी इस प्रदर्शन को दुहरा सकें, इसके लिए भारतीय टीम प्रबंधन को उन पर मेहनत करनी होगी। उन्हें विशेष रूप से प्रशिक्षित करना होगा। लेकिन इसके लिए समय पर फैसला लेना होगा।
2019 में फेल हो गये थे भारत के फिनिशर
2019 के विश्वकप में भारत सेमीफाइनल तक पहुंच गया था। न्यूजीलैंड से मुकाबला था। भारत को जीतने के लिए 50 ओवरों में 240 रन बनाने का टारगेट मिला था। लेकिन भारत के टॉप आर्डर ने गैरजिम्मेदारान खेल दिखाया और 92 रनों पर ही 6 विकेट गंवा दिये। यहां से लोअर मीडिल ऑर्डर को मैच आगे ले जाना चाहिए था। हार्दिक पांड्या जैसा पावर हिटर भी 62 गेंदों पर केवल 32 रन बना सका था। यहां तक कि बेस्ट मैच फिनिशर माने जाने वाले महेन्द्र सिंह धोनी ने भी निराश किया था।
वे 72 गेंदों पर 50 रन बना कर रन आउट हो गये थे। सिर्फ रवीन्द्र जडेजा ने ही साहसिक पारी (59 गेंद पर 77 रन) खेली थी लेकिन वे भी मैच फिनिश नहीं कर सके। ये वो समय था जब भारत को दो बड़े ओवर की जरूरत थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
अब रिंकू जैसे नये चेहरे की जरूरत
47वें ओवर में धोनी और जडेजा क्रीज पर थे लेकिन इस ओवर में केवल 5 रन बने। 48वें ओवर में भी केवल 6 रन बने और जडेजा आउट भी हो गये। 49वें ओवर में भारत की और बुरी हालत रही। धोनी, भुवनेश्वर के रूप में दो विकेट भी गिरे और सिर्फ 8 रन बने। इसी ओवर में भारत की हार तय हो गयी। भारत को अंतिम ओवर में 23 रन बनाने थे। युजवेन्द्र चहल और जसप्रीत बुमराह के रूप में आखिरी जोड़ी मैदान पर थी। 23 रन बनाना एक तरह से नामुमकिन काम था। चहल ने पहली गेंद पर चौका मारा और तीसरी गेंद पर आउट हो गये। इस तरह भारत 18 रनों से यह मैच हार गया था।
अगर अंतिम तीन ओवरों में किसी बल्लेबाज ने रिंकू सिंह जैसी साहसिक पारी खेली होती तो इस मैच की कहानी कुछ और होती। इसलिए 2023 में भारत को कुछ बेहतर और कारगर योजना बनानी होगी।












Click it and Unblock the Notifications