Ranji Trophy: यशस्वी जायसवाल ने रणजी की दोनों पारी में शतक जड़ रचा इतिहास, जानें कैसा है फाइनल का समीकरण
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के घरेलू स्तर पर खेली जाने वाले सबसे बड़े प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट रणजी का 87वां सीजन खेला जा रहा है, जिसके फाइनल मैच के लिये मुंबई और मध्यप्रदेश की टीम क्वालिफाई करने की कगार पर खड़ी है। 38 टीमों के बीच खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट का आगाज 1934 में पहली बार किया गया था जिसके बाद लगातार हर साल इस टूर्नामेंट को आयोजित किया जाता है, हालांकि 2020 और 2021 में कोरोना महामारी के प्रभाव के चलते पहली बार इस टूर्नामेंट का आयोजन नहीं कराया गया। वहीं पर दो साल के ब्रेक के बाद जब इस टूर्नामेंट का आयोजन किया गया तो इसे दो फेज में खेला गया।

पहले फेज में सभी ग्रुप स्टेज मैच खेले गये तो वहीं पर आईपीएल के बाद आयोजित किये जा रहे दूसरे फेज में सभी नॉकआउट मैचों का आयोजन किया गया। इसी के तहत अल्लूर में खेले गये पहले सेमीफाइनल मैच में मध्यप्रदेश की टीम का सामना बंगाल से हुआ तो वहीं पर मुंबई की टीम ने बेंगलुरू में खेले गये मैच में उत्तर प्रदेश का सामना किया। दोनों ही टीमों को फाइनल में पहुंचने के लिये बस ड्रॉ की दरकार है तो वहीं पर यूपी और बंगाल की टीम को बस जीत ही फाइनल तक ले जा सकती है।
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जीत से ही साकार होगा फाइनल में पहुंचने का सपना
अल्लूर के मैदान पर खेले जा रहे पहले सेमीफाइनल मैच में मध्यप्रदेश की टीम ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला किया और विकेटकीपर बैटर हिमांशु मंत्री (165) की शतकीय पारी और अक्षत रघुवंशी (63) के दम पर 341 रनों का स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में बंगाल की टीम लड़खड़ाती नजर आई लेकिन मनोज तिवारी (102) और शाहबाज अहमद (116) ने शतक लगाकर अपनी टीम के स्कोर 273 रनों पर पहुंचा दिया। मध्यप्रदेश की टीम ने दूसरी पारी में कप्तान आदित्य श्रीवात्सव (82) की पारी के दम पर 281 रनों का स्कोर खड़ा किया और पहली पारी में मिली 68 रनों की बढ़त के दम पर 351 रनों का टारगेट दिया।

रोमांचक मोड़ पर खड़ा है पहला सेमीफाइनल
जिसके जवाब में बंगाल की टीम ने चौथे दिन की समाप्ति तक 4 विकेट खोकर 96 रन बना लिये हैं। अब मैच के आखिरी दिन बंगाल को जीत के लिये 254 रन की दरकार रहेगी तो वहीं पर मध्यप्रदेश की टीम को 6 विकेट या फिर ड्रॉ भी चलेगा, जिसके साथ ही वो फाइनल में पहुंच जायेगी। वहीं मुंबई और उत्तर प्रदेश के बीच खेले गये दूसरे सेमीफाइनल मैच में मुंबई की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 393 रनों का स्कोर खड़ा किया जिसके जवाब में यूपी की टीम 181 रन पर ही सिमट गई। जवाब में मुंबई की टीम ने दूसरी पारी में 4 विकेट खोकर 428 रनों का स्कोर खड़ा किया और पहली पारी में मिली अपनी बढ़त के दम पर स्कोर 600 के पार पहुंचा दिया।

दोनों पारियों में शतक ठोंक जायसवाल ने रचा इतिहास
मुंबई की टीम को फाइनल में पहुंचने के लिये बस ड्रॉ की दरकार थी जिसे हासिल करने में वो कामयाब रही। मुंबई के लिये यशस्वी जायसवाल (100, 181) ने दोनों पारियों में शतकीय पारियां खेली और यह कारनामा करने वाले 9वें खिलाड़ी बनें, तो वहीं पर हार्दिक तामोरे (115) और अरमान जाफर (10,127) ने शतकीय पारियां खेली। मुंबई की टीम ने चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक 662 रनों की बढ़त हासिल कर ली है और अभी भी पारी घोषित नहीं की है, जिससे साफ नजर आ रहा है कि टीम ड्रॉ की ओर जा रही है। मुंबई को फाइनल में पहुंचने के लिये जीत की दरकार नहीं है, उसके लिये ड्रॉ भी काफी है।

69 साल बाद इतिहास रच सकती है मध्यप्रदेश
जहां पर रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सबसे सफल रही टीम मुंबई 47वीं बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाती नजर आ रही है तो वहीं पर मध्यप्रदेश की टीम भी 12वीं बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच सकती है। मुंबई की टीम अब तक 41 बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीत चुकी है और उसका जीत प्रतिशत 89.1 है। मुंबई ने आखिरी बार साल 2016 में यह खिताब अपने नाम किया था। वहीं पर मध्यप्रदेश की बात करें तो वो अब तक सिर्फ 4 बार ही इस खिताब को जीत पाई है और उसका जीत प्रतिशत 36.4 है। मध्यप्रदेश की टीम ने आखिरी बार 1953 में रणजी ट्रॉफी को अपने नाम किया था, हालांकि फाइनल में जगह बनाकर उसके पास 69 साल बाद अपने खिताब के सूखे को दूर करने का मौका मिल सकता है।












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