मोहम्मद शमी के लिए गौतम गंभीर को पारस महाम्ब्रे की सलाह, अब वो युवा नहीं रहें, उनसे बात करें
गौतम गंभीर के हेड कोच बनने के साथ भारतीय क्रिकेट का नया दौर शुरू होने जा रहा है। माना जा रहा है कि कई वरिष्ठ खिलाड़ी जो भारतीय टीम का हिस्सा हैं, उनके भविष्य को लेकर जल्द बड़े फैसले होने जा रहे हैं। इस लिस्ट में टीम इंडिया के स्टार गेंदबाज मोहम्मद शमी भी शामिल हैं।
पिछले वनडे विश्वकप में मोहम्मद शमी टीम के बेहतरीन गेंदबाज रहे, उनकी जबरदस्त गेंदबाजी के चलते भारतीय टीम को फाइनल तक पहुंचने में मदद मिली थी। लेकिन इस वक्त मोहम्मद शमी भारतीय टीम का हिस्सा नहीं हैं। वह लंबे समय से क्रिकेट के मैदान से दूर हैं।

2023 वनडे विश्वकप में अहम भूमिका निभाने वाले मोहम्मद शमी टखने की चोट के कारण टीम से बाहर हो गए हैं। फरवरी माह में नकी अकिलीज़ टेंडन की सर्जरी हुई थी। जिसके कारण वे आईपीएल और टी20 विश्व कप से बाहर हो गए थे।
फिलहाल शमी शमी पुनर्वास में हैं और हाल ही में उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा की थी, जिसमे उनके पैर के प्लास्टर को हटाया गया है, जोकि उनकी स्वास्थ्य की प्रगति का बेहतर संकेत है।
शमी के भविष्य पर उनसे की जाए बात
इस बीच टीम इंडिया के मौजूदा गेंदबाजी कोच पारस महाम्ब्रे ने खुलकर मोहम्मद शमी के बारे में अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि गौतम गंभीर के नेतृत्व में मैनेजमेंट को शमी से उनके भविष्य पर बात करनी चाहिए। 33 वर्षीय शमी अब युवा गेंदबाज नहीं हैं, लेकिन अभी भी वह टीम के लिए वनडे और टेस्ट में योगदान कर सकते हैं।
बड़े मुकाबले से पहले खेलें कुछ मैच
महाम्ब्रे ने सुझाव दिया है कि शमी को इस वर्ष के अंत में होने वाली अहम बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से पहले कुछ मैच जरूर खेलने चाहिए। शमी की भविष्य में क्या भूमिका होगी, इसको लेकर उनके साथ चर्चा होनी चाहिए। शमी ने 64 टेस्ट मैच में 229 विकेट अपने नाम किए हैं। वह काफी अनुभवी गेंदबाज हैं।
शमी से बात होनी चाहिए
शमी को लेकर महाम्ब्रे ने कहा कि वो अब युवा नहीं हैं, ऐसे में उनसे बात करनी चाहिए कि वह आगे क्या करना चाहते हैं। फिट होने के बाद वह कितने वर्ष और खेलने की सोच रहे हैं। आप उनके बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं।
मुझे भरोसा है कि गंभीर के साथ जो भी आएगा, वह इसका आंकलन करेगा कि कैसे शमी का स्मार्ट तरीके से इस्तेमाल किया जाए। कैसे शमी टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सकते हैं।
चतुराई से हो उनका इस्तेमाल
भारतीय टीम अगर अब पूरी तरह से टेस्ट पर ध्यान देना चाहती है तो नए गेंदबाजी कोच को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज से पहले शमी पूरी तरह से फिट हों और वह लय में हों। लेकिन यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगा कि शमी खुद क्या चाहते हैं और उनका शरीर किस स्थिति में है।
लंबे समय से आउट ऑफ एक्शन
महाम्ब्रे ने कहा कि वनडे विश्वकप के बाद शमी ने काफी लंबा ब्रेक लिया है, लिहाजा उन्हें टेस्ट सीरीज से पहले कुछ मैच खेलने की जरूरत है। टीम मैनेजमेंट को यह देखना होगा कि वह शमी को विकेट लेने वाले गेंदबाज के तौर पर देख रहे हैं या फिर मजबूत गेंदबाजी दल का हिस्सा मान रहे हैं।
पिछले कुछ समय में जिस तरह से कई युवा तेज गेंदबाज सामने आए हैं, उसे देखते हुए शमी की भूमिका तय होनी चाहिए, ताकि वह टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकें।












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