एक IPL बेकार गया, तो लोगों ने ऑटो चलाने को बोल दिया, बस धोनी की सलाह काम आई- सिराज
नई दिल्लीः भारत के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज आज अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया में जगह लगभग पक्की कर चुके हैं। उनको पहले भविष्य का तेज गेंदबाज माना जाता था लेकिन आज वे वर्तमान में किसी सीनियर गेंदबाज की तरह बॉलिंग करते हुए लगातार आगे बढ़ रहे हैं। मोहम्मद सिराज, जसप्रीत बुमराह या मोहम्मद शमी की तरह कोई असाधारण बोले नहीं है लेकिन वह ईशांत शर्मा की तरह अपना काम लगातार बिना रुके करना जानते हैं। मोहम्मद सिराज की ऊर्जा उनकी सटीकता और बेहतरीन स्विंग उनको मौजूदा समय का एक बढ़िया युवा तेज गेंदबाज बना देती है लेकिन चीजें कुछ समय पहले ऐसी नहीं थी और मोहम्मद सिराज ने उस वाकये का जिक्र किया है जब आईपीएल 2019 में खराब प्रदर्शन के बाद उनको लगने लगा था मानो करियर का ही अंत हो गया है।

पिता के साथ ऑटो चलाने की सलाह दी गई थी
यह इतना मुश्किल समय था कि मोहम्मद सिराज को क्रिकेट छोड़कर अपने पिता के साथ ऑटो चलाने की सलाह दी गई थी। मोहम्मद सिराज के दिवंगत पिता ऑटो ड्राइवर थे और उन्होंने अपने बेटे को क्रिकेटर बनाने के लिए जी जान झोंक दी थी। मोहम्मद सिराज जब ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर थे तब उनके पिता का निधन हो गया था। साल 2019 का समय इतना मुश्किल था कि अगर सिराज धोनी की सलाह ना मानते तो और अधिक निराशा में डूब सकते थे। सिराज ने आईपीएल 2019 के मुकाबलों में 9 से भी अधिक के इकॉनमी रेट के साथ 7 विकेट लिए थे और उनकी फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बिल्कुल फिसड्डी रही। आरसीबी कभी भी आईपीएल खिताब नहीं जीत पाई है और 2019 में वह अंक तालिका में अंतिम पायदान पर थी।

2019 का वो खराब आईपीएल-
उसी सीजन का एक मैच याद ऐसा था जब आरसीबी और केकेआर के बीच मुकाबला चल रहा था तो सिराज बिल्कुल लड़खड़ाते हुए नजर आए उनकी शुरुआती 16 गेंदों पर ही 5 छक्के लग चुके थे इस दौरान वे दो बीमर भी डाल चुके थे और कोहली को अपने पसंदीदा खिलाड़ी को मजबूरी में हटाना भी पढ़ा। सिराज ने आरसीबी की पॉडकास्ट पर अपने उस अनुभव का जिक्र किया है। मोहम्मद सिराज आरसीबी द्वारा रिटेन किए गए खिलाड़ियों में शामिल है। आरसीबी ने विराट कोहली को भी रिटेन किया हुआ है।

माही भाई वह सलाह याद आई-
सिराज में आरसीबी से बात करते हुए बताया, मैंने कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम के खिलाफ दो बीमर गेंद की और लोगों ने मुझे उस पर कहा कि तुम क्रिकेट नहीं खेल पाओगे। वापस चले जाओ और अपने पिता के साथ जाकर ऑटो चलाओ। इस तरह के बहुत सारे कमेंट मैंने सुने लेकिन लोग इन सब के पीछे के संघर्ष को नहीं देखते हैं। सिराज कहते हैं कि उस समय मुझे माही भाई कि वह सलाह याद आई जब उन्होंने मुझसे काफी पहले कहा था कि जो भी लोग कह रहे हैं उस बात को बिल्कुल भी सुनना नहीं है।

लोगों के कमेंट को गंभीरता से लेना छोड़ चुका-
यह तब की बात है जब सिराज को पहली बार आरसीबी के लिए चुना गया था। सिराज अब जानते हैं कि प्रदर्शन के साथ-साथ लोगों की राय बदलती रहेगी इसलिए वे कभी भी बाहरी टिप्पणियों को गंभीरता से नहीं लेते सिराज कहते हैं आज वह लोग मेरी तारीफ करते हैं जो मुझे कभी बुरा भला कहते थे। मैं तब भी वही गेंदबाज था और आज भी वही बॉलर हूं लेकिन लोगों की राय बदल जाती है इसलिए मैं चीजों को गंभीरता से नहीं लेता।












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