मोहम्मद यूसुफ ने फिर से की बेशर्मी की हदें पार, सूर्या को गाली देकर इरफ़ान पठान को ठहराया जिम्मेदार
Mohammad Yousuf: पाकिस्तान के लोग बौखलाहट में कोई भी हद पार कर सकते हैं, यह एक बार नहीं बल्कि कई बार देखा गया है। एशिया कप में सूर्यकुमार यादव और टीम इंडिया द्वारा पाक प्लेयर्स से हाथ नहीं मिलाने के बाद पूर्व पाक खिलाड़ी मोहम्मद यूसुफ ने गाली-गलौच वाली भाषा इस्तेमाल की थी। इसके बाद उनकी कड़ी आलोचना होने पर अब अजीब सफाई आई है।
मोहम्मद युसूफ ने एक तरह से अपने शब्दों को जस्टिफाई करने का काम किया है। सोशल मीडिया पर आकर उन्होंने कुछ ऐसा लिखा, जिसे देखकर उनकी फिर से आलोचना की जा रही है। भारत के फैन्स यूसुफ के ट्वीट पर टूट पड़े हैं।

इरफ़ान पठान को बनाया निशाना
यूसुफ ने लिखा कि मैंने किसी भी ऐसे खिलाड़ी का अपमान नहीं किया जो अपने देश के लिए जुनून और सम्मान के साथ खेलता है, लेकिन सवाल ये है कि जब इरफान पठान ने शाहिद अफरीदी को "कुत्ते की तरह भौंकने वाला" कहा, तो भारतीय मीडिया और लोगों ने उसकी तारीफ क्यों की? क्या इस तरह की भाषा की आलोचना नहीं होनी चाहिए थी, खासकर उन लोगों द्वारा जो हमेशा सम्मान और गरिमा की बातें करते हैं?
अब इरफ़ान पठान को बीच में लाकर यूसुफ पठान ने अपने कारनामे को जस्टिफाई करने का काम किया है। उन्होंने जो शब्द सूर्या के लिए इस्तेमाल किया, उससे पलट गए और इरफ़ान पठान पर मुद्दा लाकर पटक दिया। यह बेशर्मी की हद पार करने जैसा है।
खुद का कर लिया बचाव
अपने शब्दों के लिए यूसुफ को कोई खेद नहीं है। यहां 'उल्टा चोर, कोतवाल को डांटे' वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। खुद की गलती के बाद मामला इरफ़ान पठान पर लेकर चले गए, जबकि इरफ़ान पठान तो अपने समय की एक घटना का जिक्र कर रहे थे, जो शाहिद अफरीदी के साथ घटी थी। यूसुफ तो सूर्यकुमार यादव के साथ खेल भी नहीं रहे, 51 साल की उम्र में कोई बचकाना हरकत कैसे कर सकता है लेकिन फिर वही बात आती है कि पाकिस्तानी कुछ भी कर सकते हैं।
सूर्या को यूसुफ ने क्या कहा था
ईसाई से मुस्लिम धर्म अपनाने वाले मोहम्मद यूसुफ ने एक टीवी डिस्कशन में सूर्यकुमार यादव को जानबुझकर बार-बार 'सूअर' कहा था। टीवी एंकर ने उनको टोकते हुए असली नाम बताया लेकिन वह इस शब्द का इस्तेमाल करते चले गए।












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