बतौर कप्तान पहले टेस्ट में कोहली ने धोनी की नहीं मानी थी सलाह! आर श्रीधर ने बताया अनसुना किस्सा
विराट कोहली ने बतौर कप्तान पहला टेस्ट मैच ऑस्ट्रेलिया में खेला था। एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट मैच में धोनी चोट के कारण नहीं खेल पाए थे।
फरवरी के पहले हफ्ते से बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का आगाज होने वाला है। क्रिकेट के तमाम बड़े टूर्नामेंट और सीरीज में यह भिड़ंत हमेशा से ही चर्चा का विषय रही है। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तहत भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार टेस्ट मैचों की सीरीज होती है, जो हमेशा से दिलचस्प रही है। दोनों टीमों के बीच कांटे का मुकाबला होने के साथ-साथ यह सीरीज कुछ हैरान करने वाले घटनाक्रम के लिए भी यादगार है। आपको बता दें कि भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इसी सीरीज के दौरान टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी। दरअसल, धोनी ने 2014-15 में भारत के ऑस्ट्रेलिया टूर के बीच में ही टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था।

धोनी जानते थे कि कोहली कप्तानी के लिए हैं सही व्यक्ति
क्रिकेट के पंडित यह बात अच्छी तरह से जानते हैं कि धोनी के अंदर यह क्वालिटी है कि उन्हें पता होता है कि किस चीज को करने का सही वक्त है। 2014-15 में ऑस्ट्रेलिया टूर पर धोनी ने सीरीज के आखिरी टेस्ट मैच से पहले अचानक संन्यास की घोषणा कर दी थी। धोनी उस वक्त टीम के सबसे फिट खिलाड़ियों में से एक थे, लेकिन फिर भी उस वक्त उनके अचानक लिए गए संन्यास की वजह फिटनेस बताई गई थी। धोनी के रिटायर होने के बाद विराट कोहली को कप्तान बनाया गया था। धोनी यह बात जानते थे कि रेड बॉल क्रिकेट को आगे ले जाने के लिए विराट कोहली एकदम सही व्यक्ति हैं। धोनी ने कोहली की इस पॉजिटिव मानसिकता और नेतृत्व कौशल को पहचान लिया था, क्योंकि कोहली ने उस दौरे के पहले टेस्ट मैच में कप्तानी की थी। धोनी चोट के कारण वो मैच नहीं खेल पाए थे।

एडिलेड टेस्ट का दिलचस्प किस्सा
भारत के पूर्व फील्डिंग कोच आर श्रीधर उस वक्त टीम इंडिया के सपोर्टिंग स्टाफ का हिस्सा थे। आर श्रीधर ने एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट मैच के आखिरी दिन से पहले धोनी और कोहली के बीच हुई बातचीत से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। आर श्रीधर ने बताया है कि भारत उस टेस्ट मैच की शुरुआत से ही 8 गेंद पीछे था, लेकिन कोहली ने उस मैच में अपनी कप्तानी की शुरुआत एक शानदार शतक से की थी। श्रीधर ने बताया कि विराट कोहली चौथे दिन का खेल खत्म होने के बाद अगले दिन की योजना तैयार कर रहे थे तो उनके दिमाग में मैच को ड्रॉ कराना नहीं बल्कि लक्ष्य को हासिल करने की योजना थी।

कोहली ने धोनी की सलाह को किया था नजरअंदाज!
आर श्रीधर ने अपनी किताब 'कोचिंग बियॉन्ड: माई डेज विद द इंडियन क्रिकेट टीम' में बताया है कि एडिलेड टेस्ट में विराट कोहली को पहली बार टेस्ट में कप्तानी करने का मौका मिला था। एडिलेड टेस्ट में भारत को ऑस्ट्रेलिया ने 364 रन का लक्ष्य दिया था। ऐसे में विराट कोहली इस बात को लेकर स्पष्ट थे कि हम ड्रॉ की सोचकर नहीं बल्कि लक्ष्य को हासिल करने के लिए खेलेंगे, लेकिन धोनी ने कोहली को अपने इस फैसले पर विचार करने के लिए कहा था, लेकिन फिर भी कोहली इस बात को लेकर क्लियर थे कि हम लक्ष्य को हासिल करने के लिए खेलेंगे। श्रीधर बताया कि चौथे दिन का खेल खत्म होने के बाद जब हम होटल लौट रहे थे तो कोहली और धोनी की आपस में बात हुई थी तो धोनी ने कोहली से यही कहा था-
"देखो विराट, तुम इस लक्ष्य का पीछा कर सकते हो। तुम उस तरह के खिलाड़ी हो और हम सभी यह जानते हैं, लेकिन कप्तान के रूप में आपको दूसरों के बारे में भी सोचना होगा। क्या अन्य बल्लेबाज सकारात्मक रूप से खेलने में सक्षम हैं और टेस्ट मैच के अंतिम दिन 360+ का पीछा करने का प्रयास कर रहे हैं? निर्णय लेते समय, आपको अपनी टीम की ताकत पर विचार करना होगा।"
श्रीधर ने बताया कि विराट ने बाद में मुझसे कहा था कि एमएस ने जो कहा था उसमें उन्होंने कुछ योग्यता देखी, लेकिन वह अपने दिमाग में स्पष्ट थे कि सकारात्मकता ही आगे का रास्ता है। धोनी की बात का जवाब देते हुए कोहली ने कहा था-
'अगर हम कोशिश करते हैं तो हम खुद को जान सकते हैं ना? क्या हम यह कर सकते हैं या नहीं। हमने टेस्ट मैच के आखिरी दिन कभी 360 का पीछा नहीं किया है क्योंकि हमने अभी तक ऐसा करने की कोशिश नहीं की है। आइए हम कोशिश करें। जब तक हम कोशिश नहीं करेंगे, हम कैसे जानेंगे कि हम कितने अच्छे हैं?"
आपको बता दें कि 364 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया ने आखिरी दिन शानदार बल्लेबाजी की थी। एक समय लगने लगा था कि भारत इस लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लेगा, लेकिन नाथन लियोन ने सारा खेल खराब दिया। मैच के आखिरी दिन भारत 2 विकेट खोकर 242 तक पहुंच गया था, लेकिन नाथन लियोन के स्पेल ने भारत को जीत से दूर कर दिया। नाथन लियोन ने दूसरी पारी में 7 विकेट लिए थे और भारत जीत से 48 रन दूर रह गया था। विराट कोहली ने दूसरी पारी में भी शतक लगाया था, जबकि मुरली विजय 99 रन पर आउट हुए थे।












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