IPL Throwback: पाकिस्तानी होकर भी खेला आईपीएल, बैन के बावजूद कैसे प्रीति जिंटा की टीम का हिस्सा बना यह खिलाड़ी
IPL Throwback: इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल (IPL) के 18 सालों के सफर में कई रिकॉर्ड बनाए और तोड़े गए। इस बीच भारत-पाकिस्तान के तनावपूर्ण रिश्तों का असर खेल के मैदान पर भी देखने को मिला। साल 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के खेलने पर जो पाबंदी लगी, वो आज भी कायम है। लेकिन इस बैन के बीच अजहर महमूद एक ऐसा नाम रहे, जिन्होंने बैन के बावजूद आईपीएल के तीन सीजन खेलने में कामयाबी हासिल की।
पासपोर्ट बदलते ही बदल गई किस्मत (IPL Throwback)
साल 2009 के बाद से कोई भी पाकिस्तानी खिलाड़ी आईपीएल नीलामी का हिस्सा नहीं बन सका। हालांकि, अजहर महमूद का मामला अलग था। उन्होंने पाकिस्तान छोड़कर यूनाइटेड किंगडम (UK) की नागरिकता ले ली थी। उनके पास ब्रिटिश पासपोर्ट था, जिसके आधार पर उन्होंने खुद को एक इंग्लिश खिलाड़ी के तौर पर नीलामी में रजिस्टर किया।

प्रीति जिंटा की टीम में मिली थी एंट्री
नियमों के मुताबिक आईपीएल में खिलाड़ी की पात्रता उसके पासपोर्ट से तय होती है। इसी कानूनी बारीकी का फायदा उठाकर महमूद साल 2012 में पंजाब किंग्स (तब किंग्स XI पंजाब) से जुड़े और बाद में 2015 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए भी खेले। उन्होंने 23 मैचों में 29 विकेट लिए और 388 रन बनाए। वे आईपीएल इतिहास के आखिरी पाकिस्तान मूल के खिलाड़ी जिन्होंने इस लीग में हिस्सा लिया था।
आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने बिखेरी थी चमक
आईपीएल के पहले सीजन (2008) की तस्वीर आज से बिल्कुल जुदा थी। तब पाकिस्तानी खिलाड़ी न केवल लीग का हिस्सा थे, बल्कि स्टार परफॉर्मर भी थे। राजस्थान रॉयल्स को पहला खिताब जिताने में सोहेल तनवीर की सबसे बड़ी भूमिका थी, जिन्होंने 22 विकेट लेकर पर्पल कैप जीती थी। शाहिद अफरीदी (डेक्कन चार्जर्स), शोएब अख्तर (KKR) और मिसबाह-उल-हक (RCB) जैसे दिग्गज भी भारतीय खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करते थे।












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