IPL 2023: खिलाड़ियों पर करोड़ों लुटाने वाली टीमों की किस तरह होती है कमाई? कहां से आता है इतना पैसा
How IPL Teams (Franchises) make money: आईपीएल में हिस्सा लेने वाली टीमों की कमाई करने के कई तरीके हैं। आइए इसको विस्तार में जानते हैं।

IPL 2023 Business Model: चेन्नई सुपर किंग्स ने गुजरात टाइटंस को हराकर आईपीएल के 16वें सीजन का खिताब अपने नाम कर लिया। चेन्नई ने पांचवीं बार आईपीएल ट्रॉफी जीतने में सफलता हासिल की। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में चेन्नई की टीम मे पांचवीं बार यह कारनामा कर मुंबई इडियंस की बराबरी कर ली है।
चेन्नई को मिले इतने पैसे: चेन्नई सुपर किंग्स को ट्रॉफी के साथ-साथ 20 करोड़ रुपये भी मिले। वहीं रनरअप रही गुजरात टाइटंस को भी 12.5 करोड़ रुपये दिए गए। क्या आप जानते हैं कि आखिर आईपीएल टीमों के मालिकों की कमाई कैसे होती है। दरअसल, हर टीम की अपनी एक ब्रांड वैल्यू और स्पांसर है, जिसके आधार पर उनकी कुछ कमाई हर साल फिक्स रहती है।
ऐसे हुई आईपीएल की शुरुआत: साल 2007 में बीसीसीआई के तत्कालीन अध्यक्ष शरद पवार ने इंडियन प्रीमियर लीग में खिलाड़ियों को खरीदने के लिए बीसीसीआई के उपाध्यक्ष ललित मोदी को 25 मिलियन डॉलर का चेक दिया। 12 सिंतबर 2007 को दिल्ली में एक समारोह के दौरान पहली बार आईपीएल की घोषणा करते हुए इसका शुभांरभ किया गया।
कैसे होती है कमाई: अप्रैल 2008 में आईपीएल का पहला सीजन खेला गया। आईपीएल के बिजनेस मॉडल के सेंटर में बीसीसीआई है। आईपीएल कराने का अधिकार बीसीसीआई के पास है। ब्राडकास्टर, आईपीएल टीम और स्पांसर के जरिए इस टूर्नामेंट में कमाई की जाती है। आईपीएल का पहल मैन सोर्स इनकम ब्रांड नेम है। इस सीजन टाटा ने इसको स्पांसर किया है। टाइटल स्पांसर बनने के लिए काफी पैसे देती है।
डीएलएफ से लेकर टाटा तक: सबसे पहले 2008 में डीएलएफ ने टाइटल स्पांसर के लिए 40 करोड़ दिए थे। जबकि इस सीजन टाटा आईपीएल 330 करोड़ रुपये आईपीएल के लिए दे रही है। टाइटल स्पांसर से मिलने वाले पैसों को आधा बीसीसीआई अपने पास रखता है, जबकि आधा पैसा टीमों के पास होता है। इसके अलावा छोटे-छोटे स्पांसर से भी टीमों और बीसीसीआई को काफी पैसा होता है।
मीडिया राइट से होती है कमाई: पहली बार साल 2008 यानी पहले सीजन के सोनी ने अगले 10 साल के लिए टूर्नामेंट के टीवी राइट्स खरीद लिए थे। सोनी ने 8,200 करोड़ में खरीदा था। इसके बाद साल 2018 से साल 2023 तक के मीडिया राइट्स स्टार इंडिया के पास है। जबकि लाइव स्ट्रीमिंग जियो सिनेमा के पास है, जिसका पैसा सभी टीमों और बीसीसीआई में बांटा जाता है।
हर टीम के अपने स्पांसर: हर टीम की जर्सी पर कुल दस स्पांसर होते हैं। सभी टीमों के स्पांसर से पैसे मिलते हैं। इसके अलावा टिकट खरीदने पर होमग्राउंड वाली टीम को 80 प्रतिशत पैसा दिया जाता है। मैच की टिकट ब्रिकी से हर साल लगभग एक मैच में पांच करोड़ तक की कमाई हो जाती है।












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