IPL 2023: गुजरात टाइटंस के जरिए फिंच ने हाईलाइट किया आईपीएल में सफलता का 'अंडररेटेड मंत्र'
गुजरात टाइटंस की टीम ने खुद को दूसरी बार खास साबित किया है। आरोन फिंच ने इसके लिए आशीष नेहरा, विक्रम सोलंकी और हार्दिक पांड्या का पर्दे के पीछे बहुत बड़ा काम बताया है।

IPL 2023 Gujarat Titans: गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) की टीम आईपीएल 2023 के प्लेऑफ में पहुंच चुकी है। इस टीम में कुछ तो ऐसी खास बात है जो लगातार दूसरे सीजन में भी यह लगभग अपराजेय दिखाई दे रहे हैं।
जीटी वो टीम है जिसने अपने पहले ही आईपीएल सीजन में बहुत आसानी से खिताब उड़ा लिया था। लोगों को लगा कि बहुत महंगे सितारों की गैरमौजूदगी वाली इस टीम का पहले सीजन में तुक्का लग गया होगा लेकिन दूसरे सीजन में सबकी बोलती बंद हो गई है।
गुजरात टाइटंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को 15 मई की रात हराकर खुद को प्लेऑफ में जगह बनाने वाली पहली टीम बना लिया। इस प्रदर्शन से हैरान ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेट कप्तान आरोन फिंच ने गुजरात टाइटंस के कप्तान हार्दिक पांड्या, कोच आशीष नेहरा और डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट विक्रम सोलंकी की जमकर तारीफ की है।
आरोन फिंच के ध्यान में सबसे पहली बात यही आती है आईपीएल जैसी लीग में दुनिया के बहुत खिलाड़ी खेलते हैं लेकिन उनको एकजुट करने वाले लोग अभी भी उतने नहीं है। आप दुनिया भर के बेहतरीन खिलाड़ियों को खरीद सकते हैं लेकिन उन्हें एक टीम के तौर पर संगठित करने का काम अभी भी काफी अंडररेटेड है।
आईपीएल में अभी भी ऐसे लोगों की कमी देखी जाती है जिन्होंने अलग-अलग पृष्ठभूमि से आए खिलाड़ियों को एक टीम के सूत्र में बांध दिया। फिंच के अनुसार यह काम हार्दिक पांड्या, विक्रम सोलंकी और आशीष नेहरा ने करके दिखाया है।
फिंच की बात में दम नजर आता है क्योंकि गुजरात टाइटंस एक ऐसी टीम है जो किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं है। कभी मोहम्मद शमी चमकते हैं तो कभी मोहित शर्मा जैसा अनुभवी गेंदबाज अपना दमखम दिखा कर दूसरी टीम को चौंका देता है। राशिद खान सुपरस्टार बॉलर है तो नूर अहमद ने अपने पहले ही सीजन में अलग ही किस्म का नूर दिखाया है।
फिंच के अनुसार कप्तान और कोच का रोल विभिन्न पृष्ठभूमि से आए खिलाड़ियों को एक ही मंच पर एकजुट प्रदर्शन कराने को लेकर बहुत ही महत्वपूर्ण होता है और इसकी मिसाल आशीष नेहरा व हार्दिक पांड्या दे रहे हैं। उनके साथ इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज और जीटीके डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट विक्रम सोलंकी भी मिल जाते हैं तो सोने पर सुहागा वाली बात हो जाती है।
जब आईपीएल में हम इस तरह के कोचिंग स्टाफ की बात की बात करते हैं तो दिल्ली कैपिटल्स की टीम की दुर्गति पर भी एक नजर जाती है जहां कोच, कप्तान और डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट की तिकड़ी में एक के बदले जाने से पूरी टीम का ढांचा ही बिखर गया।
डीसी की टीम अपने नियमित कप्तान ऋषभ पंत के बगैर खेल रही है और सौरव गांगुली भी गैप के बाद इसी सीजन में ही वापस आए हैं। ऐसे में टीम के पास केवल एक ही अनुभवी आदमी था। लेकिन हेड कोच पोंटिंग बाकियों के साथ मिलकर दिल्ली को एक टीम के तौर पर नहीं बांध सके।
डीसी में खिलाड़ियों की एकजुटता को लेकर समस्या देखी गई जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा। ऐसी समस्या हैदराबाद के साथ भी देखी गई और वे भी बाहर हो चुके हैं।












Click it and Unblock the Notifications