IND VS SL : मोहम्मद सिराज अभी क्यों हैं भारत के सबसे असरदार तेज गेंदबाज?
मोहम्मद सिराज ने तीनों फॉर्मेट में जबरदस्त गेंदबाजी क्षमता का परिचय दिया है। वे पहले से भी ज्यादा असरदार तरीके से श्रीलंका के खिलाफ मौजूदा सीरीज में गेंदबाजी कर रहे हैं

भारत के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की बॉलिंग दिनोंदिन निखर रही है। वे अब लगातार सटीक लाइन और लेंथ पर गेंद डाल रहे हैं। जहां तक एकदिवसीय मैचों की बात है तो सिराज ने 2018 से बेहतरीन गेंदबाजी की है। एकदिवसीय मैचों के पहले 10 ओवर में वे 78 फीसदी डॉट गेंद डालते हैं। वे शुरुआत में विकेट भी निकाल कर दे रहे हैं। जो काम पहले भुवनेश्वर कुमार करते थे अब वह काम सिराज कर रहे हैं। टेस्ट हो या एकदिवसीय मैच, वे भरोसे पर खरे साबित हो रहे हैं। श्रीलंका के खिलाफ पहले दो एकदिवसीय मैचों में उन्होंने बॉलिंग की गहरी छाप छोड़ी।

लाइन और लेंथ पर नियंत्रण
मोहम्मद सिराज की सबसे बड़ी खासियत ये है कि वे गेंद को लगातार एक ही जगह टप्पा खिला रहे हैं। यानी गेंद की लंबाई पर उनका अदभुत नियंत्रण है। वे 130 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद करते हैं। गेंद को दोनों तरफ स्विंग करते हैं। स्टंप की लाइन में बॉल डालते हैं। इसकी वजह से शुरू के ओवरों में उन्हें विकेट मिल रहा है। इडेन गार्डन के मैदान पर भी उन्होंने ही विकट लने की शुरुआत की। पहले स्पेल में उन्होंने पांच ओवर की गेंदबाजी की और 24 रन दे कर अविष्का फर्नांडो का विकेट लिया। फिर वे पारी का 40वां ओवर करने आये। जब रजिथा और वेलालागे ने नौवें विकेट के लिए 38 रन जोड़े दिये तो इस साझेदारी को उन्होंने ही तोड़ा। पहली गेंद पर छक्का खाने के बाद उन्होंने दूसरी गेंद पर ही वेलालागे का विकेट ले लिया। फिर चौथी गेंद पर लहिरु कुमारा को बोल्ड कर दिया। यानी उन्होंने साबित कर दिया कि वे अहम मौकों पर विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं।

गेंदबाजी में विविधता
इडेन गार्डेन के मैदान पर सिराज ने पहले गेंद स्विंग कराने की कोशिश की। इस कोशिश में कुछ चौके खा बैठे। फिर विकेटकीपर केएल राहुल ने सिराज को बताया कि गेंद को स्विंग नहीं मिल रही है, कुछ अलग ट्राई करो। तब सिराज ने अपनी ताकत पर भरोसा किया। वे विकेट टू विकेट गेंद डालने लगे। मैच के बाद उन्होंने बताया भी कि जब स्विंग नहीं मिली तो उन्होंने गेंद की लंबाई और दिशा पर ध्यान केन्द्रित कर दिया। इसकी वजह से ही उन्हें तीन विकेट मिले।

इनस्विंगर गेंद पर मेहनत की
2018 में उनकी गेंद इनस्विंग नहीं पाती थी। उनकी आउट स्विंगर से बल्लेबाज अभ्यस्त हो चुके थे। इस कमी के कारण वे विकेट नहीं ले पा रहे थे। वे इस बात से परेशान थे कि उनकी गेंद अंदर की तरफ क्यों नहीं आ रही। फिर उन्होंने इस कमी को सुधारने पर ध्यान दिया। गेंद की सीम और कलाई की दिशा पर मेहनत की। इसका नतीजा है कि आज वे अपनी वास्तविक स्पीड के साथ इनस्विंग गेंद भी कर पा रहे हैं। इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलने की वजह से भी उनकी बॉलिंग में निखार आया है। वारविकशायर की तरफ से खेलते हुए अपने पहले ही मैच में उन्होंने समरसेटके खिलाफ पांच विकेट लिये थे।

वनडे में शानदार इकोनॉमी
मोहम्मद सिराज की निरंतरता से भारत की तेज गेंदबाजी अब संतुलित हो रही है। विश्वकप 2023 के लिहाज से भारत के लिए यह बहुत अच्छी बात है। सिराज ने 2022 में 15 वनडे मैच खेले जिसमें उन्होंने 24 विकेट लिये। इस दौरान सबसे खास बात ये रही कि उनकी इकोनॉमी बहुत शानदार रही। उन्होंने 4.26 की इकोनॉमी से य 24 विकेट लिये। यानी वे किफायती गेंदबाज भी हैं। विश्वकप जैसे बड़े मंच पर ऐसे ही प्रदर्शन की जरूरत होती है। वैसे तो अभी विश्वकप में 8 महीने की देर है। टीम का स्वरूप बहुत से आंकलन पर निर्भर करता है। लेकिन मोहम्मद सिराज ने लगातार प्रभावकारी प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है।
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