IND vs ENG: लॉर्ड्स में फील्डर के लिए कैच लेना क्यों है मुश्किल? हैरान कर देगा कारण
Lord's Cricket Ground: इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने कैफ कैच ड्रॉप किये थे, इस वजह से भारत को हार का सामना करना पड़ा था। यशस्वी जायसवाल ने कैच कैच छोड़े थे और उनके ऊपर सवाल भी खड़े हुए थे। जायसवाल स्लिप क्षेत्र में फील्डिंग बिलकुल भी नहीं कर पाए थे।
अब तीसरा टेस्ट मैच लॉर्ड्स में खेला जाना है। लॉर्ड्स टेस्ट मैच के दौरान भी फील्डरों के ऊपर दबाव रहने वाला है। लॉर्ड्स में फील्डिंग कर पाना इतना आसान काम नहीं होता है, इसके पीछे भी कई कारण हैं। फील्डरों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

लॉर्ड्स ग्राउंड में ढाई मीटर का ढलान है, ग्राउंड समतल नहीं होने की वजह से गेंद की गति और दिशा दोनों प्रभावित होते हैं। इससे कैच के बारे में फील्डर को अनुमान लगा पाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। सही तरह से जज करने पर ही कैच पकड़ा जा सकता है।
रोशनी के कारण नहीं लगता अनुमान
दर्शक दीर्घा में एकरूपता नहीं होने की वजह से दिन के अलग-अलग समय में वहां धूप और छाँव रहती है। अजीब रोशनी के कारण फील्डर को कैच का अनुमान लगा पाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ज्यादा उंचाई से आने वाले कैच को पकड़ना मुश्किल काम हो जाता है।
Lord's ग्राउंड का मौसम और हवा
इसके अलावा पवेलियन में सफेद रंग के बैकग्राउंड पर फील्डरों की नज़र चली जाती है। पवेलियन की बालकनी से भी फील्डरों को अन्य खिलाड़ी दिखाई देते हैं। इसके अलावा मौसम भी एक अहम फैक्टर है। मौसम में हवा बार-बार बदलती रहती है। हवा की वजह से गेंद की दिशा बदल जाती है और कैच पकड़ने में परेशानी होती है।
Lord's में दर्शकों का भी प्रेशर
लॉर्ड्स में दर्शकों का प्रेशर भी काफी रहता है। प्रतिष्ठित स्टेडियम होने की वजह से लॉर्ड्स में फील्डरों के ऊपर अतिरिक्त दबाव रहता है। यहां होने वाले मैचों पर फैन्स की विशेष नज़र बनी रहती है। इससे प्लेयर्स के ऊपर मानसिक प्रेशर भी बनता है और इसका असर फील्डिंग के ऊपर पड़ता है।












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