IND vs AUS: दो दिन में 30 विकेट गिरने के बाद गांगुली ने इंदौर की पिच को लेकर की भविष्यवाणी
Sourav Ganguly on Indore Pitch: सौरव गांगुली ने इंदौर पर पिच पर नतीजों के लिए रहस्यमयी भविष्यवाणी की है। बीसीसीआई चीफ के तौर पर गांगुली इन पिचों के मैनेजमेंट का अनुभव रखते हैं।

इंदौर टेस्ट का आज तीसरा दिन है और एक दो सत्र के अंदर नतीजा मिलने जा रहा है। इस पिच (Indore Pitch) ने कई लोगों को सिरदर्द दिया है लेकिन कमेंट्री कर रहे कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि पिच फिर से इतना बुरा नहीं खेली जितनी की बैटिंग बेकार हुई। भारत की दोनों पारी को देखते हुए यह बात झुठलाई नहीं जा सकती कि बैटिंग में खामियां रही लेकिन पिच भी इससे बेदाग नहीं बन जाती। पिच ने सारा खेल नहीं किया लेकिन दिमाग में एक दहशत जरूर बैठा थी और कुछ गेंदों पर इतना जबरदस्त टर्न था कि होल्कर स्टेडियम की ये पिच पहले दिन ही रैंक टर्नर की संज्ञा पा गई।

पहले दिन इस पिच पर 14 और दूसरे दिन 16 विकेट गिरे
पहले दिन इस पिच पर 14 और दूसरे दिन 16 विकेट गिरे। आज एक और दिन का इंतजार है जहां ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए मात्र 76 रनों की दरकार होगी क्योंकि भारत की पहली पारी 109 और दूसरी भी 163 रनों पर ढेर हो गई थी जबकि ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 197 रन बनाए थे। पिच से भारत के कोच राहुल द्रविड़ भी चिंतित दिख रहे थे क्योंकि जब लंच लिया जा रहा था तब पिच क्यूरेटर के साथ बातचीत करने वाले सीन ने बहुत चर्चा पाई।
इस शोरगुल के बीच, बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली इंदौर की पिच पर एक रहस्यमयी टिप्पणी लेकर आए हैं। गांगुली ने इस विषय पर ज्यादा कुछ नहीं बोला और कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से कहा, ''देखिए टेस्ट के अंत में क्या होता है।"

भारत के लिए अभी भी कुछ उम्मीदें बची हैं!
दादा के इस कमेंट के हिसाब से आज का दिन भी बहुत अहम होना चाहिए। अगर सब कुछ सही चला तो ऑस्ट्रेलिया आसानी से 1-2 विकेट गंवाकर जीत जाएगा। अगर पिच ने बहुत खेल किया तो कंगारूओ को 76 तक पहुंचने में एड़ी-चोटी को जोर लगाना पड़ेगा और तब शायद वे 2-3 विकेटों से ही मैच जीतें। लेकिन अगर पिच बुरी तरह टर्न पाती है तो संभव है मैच में भारत के लिए अभी भी कुछ उम्मीदें बची हों।
यह भी नहीं भूलना चाहिए जिस तरह से ऑस्ट्रेलिया ने बल्लेबाजी की, उसने इस विश्वास को नकार दिया कि इंदौर की पिच पूरी तरह से गलत थी। उस्मान ख्वाजा की बैटिंग इस सीरीज में बाकी टॉप ऑर्डर से अलग रही है। उनसे सीखा जा सकता है। सीखा विराट कोहली से भी जा सकता है कि कैसे हर बार जमने के बाद बिना बड़ा स्कोर किए अपना विकेट नहीं गंवाया करते।

ये है भारत-ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट प्रतिद्वंदता
पहले दिन भारत के पतन के बाद गांगुली ने महसूस किया था कि मेजबान टीम को मैच से बाहर करना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा था, "खेल में काफी कुछ बाकी है। वे वापस आएंगे। आज सिर्फ पहला दिन है। काफी क्रिकेट बाकी है।"
लेकिन आज केवल एक चमत्कार ही भारत को हार के चंगुल से बचा सकता है। एक हार का मतलब होगा अहमदाबाद में ऑस्ट्रेलिया के सामने खुद को मुश्किल हालातों में पाना। आज कंगारू जीते तो ये जीत ऐसी ही मानी जाएगी जैसे भारत को गाबा या पर्थ में मिली थी तब हालात पूरी तरह से कंगारूओं के पक्ष में थे लेकिन मैच का नतीजा टीम इंडिया के पक्ष में गिरा।
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