IND vs AUS: अंतिम दो टेस्ट को टारगेट बनाकर जसप्रीत बुमराह की NCA के नेट्स में गेंदबाजी शुरू
भारत के पास उमेश यादव, शमी, सिराज, जयदेव जैसे गेंदबाज होंगे। ये सभी बांग्लादेश के खिलाफ क्लीन स्वीप में जलवे दिखा चुके हैं। इस अटैक में बुमराह के जुड़ने की उम्मीद भी है क्योंकि बुमराह ने नेट्स में गेंदबाजी शुरू कर दी है।

टीम इंडिया ने मोहम्मद सिराज के लगातार परफॉरमेंस ने अगर किसी की कमी खलने नहीं दी है तो वह हैं जसप्रीत बुमराह जो भारतीय गेंदबाजी लाइन-अप में एक महत्वपूर्ण पेसर रहे हैं लेकिन उनकी चोट लंबे समय से भारतीय टीम मैनेजमेंट के लिए एक प्रमुख मुद्दा रही है। वह अभी भी पीठ की दिक्कत से उबर रहे हैं लेकिन काफी उम्मीद है कि वे जल्द ही वापसी करेंगे क्योंकि उन्हें एनसीए में नेट्स में गेंदबाजी करते देखा गया है। यह ठीक है बुमराह के विकलप मौजूद हो सकते हैं लेकिन उनको रिप्लेस करना आसान नहीं है। बुमराह के पास उनकी कंसिसटेंसी बहुत बड़ी कुंजी होती है।
ऐसे में भारत को उनका इंतजार है क्योंकि बुमराह 2016 में पदार्पण करने के बाद से ही भारतीय टीम में एक मुख्य आधार रहे हैं। वे टेस्ट मैच में बीच के ओवरों के दौरान नई गेंद से गेंदबाजी करके बल्लेबाजों को आतंकित कर सकते हैं तो उनकी यॉर्कर गेंद जमे हुए बल्लेबाजों के स्टंप भी उखाड़ देती है। गलत नहीं कि उन्हें सबसे घातक गेंदबाजों में से एक बनाता है। लेकिन समस्या उनकी फिटनेस है। कई बार 100 प्रतिशत फिट हुए बिना खेले और बिल्कुल साधारण बॉलर लगे। वर्ना एक फिट बुमराह के पास ऐसी सभी डिलीवरी हैं जो एक बढ़िया बल्लेबाज को परेशान कर सकती हैं।
भारत और भारतीय क्रिकेट टीम के प्रशंसक उम्मीद कर रहे होंगे कि बुमराह अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अगले सप्ताह से शुरू होने वाली चार मैचों की टेस्ट सीरीज के अंतिम दो टेस्ट के लिए वापसी कर लें। ऑस्ट्रेलिया भारत का दौरा कर रहा है और बुमराह पहले दो टेस्ट मैचों से पहले ही बाहर हो चुके हैं। बड़ी सीरीज में उनको मिस किया जा सकता है लेकिन यहां भारत के पास उमेश यादव, शमी, सिराज, जयदेव जैसे गेंदबाज होंगे। ये सभी बांग्लादेश के खिलाफ क्लीन स्वीप में जलवे दिखा चुके हैं।
इस अटैक में बुमराह जुड़ जाएं तो एक बड़ा प्लस होगा और इसकी उम्मीद भी है क्योंकि बुमराह को नेट्स में गेंदबाजी करते हुए देखा गया था और उनके पास मैच फिटनेस बनाए रखने और बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के बाकी दो टेस्ट के लिए तीन सप्ताह से अधिक का समय है। हालांकि स्क्वॉड में जगह मिलने का मतलब प्लेइंग 11 का हिस्सा होना नहीं होगा क्योंकि बुमराह सितंबर से खेल से बाहर हैं, इसलिए मैच फिटनेस हासिल करना एक समस्या होगी।
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