IND vs AUS: रोहित-कोहली ने अचानक क्यों लिया टेस्ट से संन्यास? आखिरकार अजीत अगरकर ने बताया सच
IND vs AUS, Rohit Sharma And Virat Kohli: भारतीय क्रिकेट जगत को मई के महीने में एक बड़ा झटका लगा था। टीम इंडिया के दो दिग्गज खिलाड़ी रोहित शर्मा और विराट कोहली ने अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। इंग्लैंड दौरे से ठीक पहले लिए गए इस फैसले ने क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों को हैरान कर दिया। इस फैसले को लेकर कई तरह की खबरें भी सामने आई थी।
रोहित-कोहली ने अचानक लिया संन्यास (IND vs AUS, Rohit Sharma And Virat Kohli)
रोहित शर्मा ने 7 मई को अपने संन्यास का ऐलान किया, जिसके बाद विराट कोहली ने 12 मई को रेड-बॉल क्रिकेट को अलविदा कहा। इन दोनों पूर्व भारतीय कप्तानों ने ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद रणजी ट्रॉफी में हिस्सा लिया था और लग रहा था कि वे इंग्लैंड में होने वाली पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि, दोनों ने आगे न खेलने का फैसला किया।

10,000 रन के आंकड़े के करीब थे कोहली
विराट कोहली का संन्यास विशेष रूप से चौंकाने वाला था, क्योंकि वह टेस्ट क्रिकेट में 10,000 रन के आंकड़े से सिर्फ 770 रन दूर थे। वहीं, रोहित ने तो पहले यह पुष्टि भी की थी कि वह टेस्ट क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे और टीम का नेतृत्व करेंगे, लेकिन उन्होंने भी इंग्लैंड जाने का इरादा छोड़ दिया। इस बड़े फैसले पर भारत के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।
अगरकर ने आखिरकार तोड़ी चुप्पी
एनडीटीवी से बात करते हुए अगरकर ने कहा कि वे दोनों भारतीय क्रिकेट के महान स्तंभ रहे हैं। दोनों ने हमसे संपर्क किया। उन्हें लगा कि यह वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का नया चक्र है, और शायद वे इस दो साल के चक्र में टेस्ट खिलाड़ी के तौर पर शामिल न हो पाएं। दोनों ही इस बारे में पूरी तरह अवगत थे, और यह सच्चाई है। अगरकर ने यह भी माना कि इंग्लैंड दौरे पर टीम को इन अनुभवी खिलाड़ियों की कमी खलती।
उन्होंने कहा कि इंग्लैंड एक ऐसी सीरीज़ थी, जहां हम अनुभव चाहते थे। प्रदर्शन अविश्वसनीय था, भले ही हम जीत नहीं पाए। हमें अनुभव पसंद आया होता। लेकिन, उन्होंने अपने फैसले ले लिए थे। जब कोई खिलाड़ी इतने लंबे समय तक खेला हो और अपने फैसले को लेकर आश्वस्त हो कि वह किसी विशेष फॉर्मेट से दूर होना चाहता है तो हमें उसका सम्मान करना होगा।
दोनों का करियर रहा है शानदार
रोहित शर्मा ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत वेस्ट इंडीज के खिलाफ लगातार दो शतकों के साथ की थी। उन्होंने 67 टेस्ट मैचों में 12 शतक और 18 अर्धशतकों सहित 4301 रन बनाए। विराट कोहली ने 2011 में अपना टेस्ट डेब्यू किया और 123 टेस्ट में 9230 रन बनाकर अपने करियर का अंत किया। वह भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान भी रहे, जहाँ उनके नेतृत्व में 68 टेस्ट में से भारत ने 40 में जीत दर्ज की।












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