'चैंपियन' बनने पर हार्दिक पांड्या ने दिया बड़ा बयान- आने वाली पीढ़ी याद करेगी

नई दिल्ली : हार्दिक पांड्या क्रिकेट जगत में बताैर कप्तान भी अब छा चुके हैं। पांड्या ने आईपीएल 2022 के फाइनल में राजस्थान राॅयल्स ने खुद शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को चैंपियन बनाने का काम किया। सबसे पहले हार्दिक के दम पर राजस्थान राॅयल्स की बल्लेबाजी ढेर हुई जो 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 130 रन ही बना सकी। हार्दिक ने 4 ओवर में सिर्फ 17 रन देकर 3 कीमती लिए। जवाब में गुजरात ने आसानी से 7 विकेट रहते मैच जीत लिया। हार्दिक ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 34 रनों की पारी भी खेली। मैच समाप्ति के बाद हार्दिक ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि जिस तरीके से उनकी टीम ने खिताब जीता है उसे आने वाली पीढ़ी भी याद करेगी।
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...तो फिर चमत्कार हो सकता है
राजस्थान को हराने के बाद बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह ने हार्दिक को चमचमाती आईपीएल ट्रॉफी साैंपी। इसके बाद पूरी टीम जश्न में डूब गई। वहीं पांड्या ने बयान देते हुए कहा, ''यह दुनिया की किसी भी टीम के लिए सही उदाहरण है। अगर आप एक टीम के रूप में खेलते हैं और खिलाड़ियों के साथ मिलकर एक अच्छी टीम तैयार करते हैं तो फिर चमत्कार हो सकता है।''

आने वाली पीढ़ी याद करेगी
उन्होंने आगे कहा, ''मैं और आशु पा (कोच आशीष नेहरा) वैसे गेंदबाजों को पसंद करते हैं जो मैच जीत सकते हैं। कोई एक बल्लेबाज भी टिकते हुए मैच खत्म कर सकता है, ऐसा ज्यादातर समय मैंने टी20 क्रिकेट में देखा है, लेकिन गेंदबाज भी आपके लिए मैच जीतते हैं। कई बार हमने मैच भी जीते, लेकिन हमने हमेशा इस बारे में बात की कि हम किन चीजों से चूक गए और हम यहां से कैसे बेहतर हो सकते हैं। सभी ने हिस्सा लिया। अपने आप को भाग्यशाली समझिए कि फाइनल जीता है, यह रोमांचक रहा है। यह एक खास होने जा रहा है। हमने विरासत बनाने की बात की। आने वाली पीढ़ी सबको याद करेगी कि ये वो टीम थी जिसने ये सफर शुरू किया था और चैंपियनशिप के रूप में पहला साल जीतना बेहद खास है।''

बल्लेबाजी मेरे दिल के करीब
इस सीजन में हार्दिक ने बल्ले से भी कमाल करके दिखाया। उन्होंने टीम की तरफ से 15 मैचों में सबसे ज्यादा 487 रन बनाए। पांड्या ने मैच जिताऊ पारियां खेल मध्यक्रम पर दवाब कम किया। अपने इस प्रदर्शन पर पांड्या ने कहा, ''मैं अपने आप को एक बल्लेबाज के रूप में देखता हूं। बल्लेबाजी मेरे दिल के करीब है। किसी भी दिन मैं 160 की स्ट्राइक से रन बनाकर ट्रॉफी ले लूंगा। मेरी टीम मेरे लिए पहले है। जब नीलामी खत्म हुई, तो मैं जानता था कि मुझे नंबर 4 पर बल्लेबाजी करनी होगी।'' वहीं हार्दिक ने बहुत कम मैचों में गेंदबाजी की, लेकिन फाइनल में उन्होंने पूरा जोर लगाकर मैच बदला। अब हार्दिक ने साफ किया कि इसी दिन के लिए मेहनत कर रहे थे। उन्होंने कहा, ''मैं दिखाना चाहता था, कि क्यों कड़ी मेहनत की थी। आज वह दिन था जिसके लिए मैंने गेंदेबाज के ताैर पर सबसे अच्छे प्रदर्शन को बचाकर रखा था।''












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