IND vs ENG 1st Test: साई सुदर्शन ने किया टेस्ट डेब्यू, 3006 दिन बाद इस खिलाड़ी की हुई वापसी
IND vs ENG 1st Test: टेस्ट क्रिकेट में भारत को एक और युवा सितारा मिल गया है। 21 वर्षीय बाएं हाथ के बल्लेबाज़ साई सुदर्शन ने इंग्लैंड के खिलाफ हेडिंग्ले (लीड्स) में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में अपना डेब्यू किया है। वह भारत के 317वें टेस्ट खिलाड़ी बने हैं। साई को यह सम्मान चेतश्वर पुजारा से मिला, जो खुद भारत के लिए नंबर 3 पर एक दशक से ज़्यादा वक्त तक मजबूती से खेले।
साई सुदर्शन को मिला डेब्यू का मौका (IND vs ENG 1st Test)
अब इसी नंबर 3 पोजिशन को साई सुदर्शन संभालने वाले हैं, जबकि शुभमन गिल नंबर 4 और ऋषभ पंत नंबर 5 पर उतरेंगे। साई का डेब्यू खास इसलिए भी है क्योंकि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में उसी तारीख (20 जून) को डेब्यू किया जिस दिन सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और विराट कोहली जैसे दिग्गजों ने भी अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी।

फर्स्ट क्लास मैचों में ऐसा रहा है प्रदर्शन
साई सुदर्शन ने हाल ही में आईपीएल 2025 में ऑरेंज कैप जीतकर सबका दिल जीत था। उन्होंने 759 रन बनाए एक जबरदस्त स्ट्राइक रेट (156+) के साथ। उन्होंने शॉर्ट फॉर्मेट में खुद को बेजोड़ बल्लेबाज़ के रूप में साबित कर दिया है। लेकिन रेड-बॉल क्रिकेट में उनका औसत 40 से थोड़ा कम है। उन्होंने अब तक 29 फर्स्ट क्लास मैचों में 1,957 रन बनाए हैं जिसमें 7 शतक शामिल हैं।
आसान नहीं रहा है साईं का सफर
साई का सफर आसान नहीं रहा। 2019 में अंडर-19 टीम से बाहर होने पर वह रो पड़े थे, लेकिन उस दुख को उन्होंने अपनी ताकत बना लिया। उनकी मां एक फिटनेस कोच और वॉलीबॉल खिलाड़ी रही हैं, और उनके पिता भारत के पूर्व ट्रैक एथलीट हैं। उन्होंने दोनों से फिटनेस और अनुशासन सीखा। साई ने 2023 और 2024 में सरे काउंटी से खेलते हुए इंग्लैंड की पिचों पर अनुभव भी लिया, जो अब उनके टेस्ट डेब्यू में मदद करेगा। उनके बल्ले से भारत को बड़ी उम्मीदें हैं।
करुण नायर की शानदार वापसी
दूसरी तरफ 33 वर्षीय करुण नायर ने एक बार फिर 3000 से अधिक दिनों के बाद भारत की टेस्ट टीम में जगह बना ली है। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ हेडिंग्ले (लीड्स) में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में प्लेयिंग इलेवन में वापसी की है। वहीं अब भारतीय टीम की कमान शुभमन गिल के हाथों में है, क्योंकि विराट कोहली, रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गज खिलाड़ी अब संन्यास ले चुके हैं।
करुण नायर ने अपने करियर का सबसे बड़ा मुकाम 2016 में तब हासिल किया था जब उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ ही तिहरा शतक (303*) लगाया था। लेकिन उसके बाद उनका करियर लगातार अनदेखी और संघर्षों से भरा रहा। अब इतने सालों बाद जब भारतीय टीम एक नई दिशा में आगे बढ़ रही है, करुण नायर को दोबारा मौका मिलना न सिर्फ उनके लिए, बल्कि उन सभी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो लंबे समय से वापसी का इंतजार कर रहे हैं।












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