Asia Cup 2022 : ‘सूर्योदय’ की गर्मी में पिघल जाएंगे पाकिस्तानी गेंदबाज
स्पोर्ट्स डेस्क, 13 अगस्त: भारतीय क्रिकेट के आकाश में एक ऐसे 'सूर्य' का उदय हुआ है जिसकी गर्मी से पाकिस्तानी गेंदबाज पिघल जाएंगे। शाहीन आफरीदी खेले या न खेलें, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। जब 28 अगस्त को भारत-पाकिस्तान का मुकाबला होगा तब पाकिस्तान को भारत के इस आग की तपिश महसूस होगी। मुम्बई डायनामाइट सूर्य कुमार यादव अभी जिस तरह की विस्फोटक पारियां खेल रहे हैं उसमें किसी भी गेंदबाज की खैर नहीं।

सूर्या डरेगा नहीं..
शाहीन शाह आफरीदी बाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं। वे 150 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार पार कर चुके हैं। सूर्या को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि उनके सामने बाएं हाथ का तेज गेंदबाज है या दाएं हाथ का। उन्हें इस बात की भी परवाह नहीं होती कि सामने वाले गेंदबाज की स्पीड क्या है। वह तो अपनी क्रिकेट की प्रयोगशाला में नये-नये शॉट का आविष्कार करते हैं और मैदान पर किसी भी गेंदबाज की धज्जियां उड़ा देते हैं।
इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी-20 में उन्होंने 55 गेंदों पर 117 रन बनाये थे। इस पारी में उन्होंने इंग्लैंड के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज डेविड विली की जम कर धुनायी की थी। विली की स्पीड भी 145 किलोमीटर प्रतिघंटे के आसपास है। इसलिए माना जा रहा है कि सूर्या, पाकिस्तानी गेंदबाजों के लिए आफत बनेंगे।

कितना दम है पाकिस्तान की तेज गेंदबाजी में?
अगर आफरीदी चोट से उबर नहीं पाए तो पाकिस्तान की तेज गेंदबाजी हारिस रऊफ, मोहम्मद वसीम जूनियर, नसीम शाह, शाहनवाज दहानी के कंधे पर होगी। मौजूदा समय में हारिस रउफ को पाकिस्तान का सबसे तेज गेंदबाज माना जाता है। वे 153 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार तक गेंद फेंक चुके हैं। नसीम शाह अभी युवा हैं और उनकी गति 140 से 145 किलोमीटर प्रतिघंटे के बीच है। वकार युनूस उनकी तुलना डेनिस लिली से कर चुके हैं। मोहम्मद वसीम जूनियर भी युवा हैं और उन्हें पाकिस्तान का नया यॉर्कर किंग कहा जाता है। शाहनवाज दहानी पाकिस्तान सुपर लीग की खोज हैं। मतलब एशिया कप में पाकिस्तान की तेज गेंदबाजी युवा गेंदबाजों पर निर्भर है।

शाहीन की चोट ने बढ़ाई टेंशन
पाकिस्तान की टीम जब नीदरलैंड के लिए रवाना हो रही तब कप्तान बाबर आजम ने कहा था, शाहीन आफरीदी की चोट हमारे लिए चिंता की बात है। हम उन्हें नीदरलैंड ले जा रहे हैं। वे फिजिओ और डॉक्टर की देखरेख में रहेंगे। हम चाहते हैं वे जल्द ठीक हो जाएं और नीदरलैंड में कम से कम एक मैच खेलें। उन्हें एशिया कप तक हम एक्शन में देखना चाहते हैं। अगर आफरीदी एशिया कप में नहीं खेले तो पाकिस्तानी गेंदबाजी की ताकत आधी रह जाएगी।

आफरीदी के लिए क्यों परेशान है पाकिस्तान?
2021 के टी-20 विश्वकप में आफरीदी की शानदार गेंदबाजी के कारण भारतीय बैटिंग का शीर्ष क्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया था। उन्होंने शुरू में ही केएल राहुल को 3, रोहित शर्मा को 0 आउट कर भारतीय खेमे में खलबली मचा दी थी। भारत का स्कोर 6 रन पर दो विकेट हो गया था और यहीं से ऐसा दवाब बन गया कि कोई बल्लेबाज खुल कर नहीं खेल सका। विराट कोहली ने जमने (57) की कोशिश की तो आफरीदी ने उनकी भी गिल्लियां बिखेर कर भारत को मैच में वापस आने का मौका नहीं दिया। आफरीदी की इस तूफानी बॉलिंग ने एक तरह से भारत की हार की पटकथा लिखी थी। 20 ओवरों में भारत केवल 151 रन ही बना सका था।

10 विकेट से जीता था पाकिस्तान
पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम (68) और मोहम्द रिजवान (79) ने लाजवाब बैटिंग कर मैच को एकतरफा बना दिया था और ये मैच 10 विकेट से जीत लिया था। आइसीसी के किसी विश्वकप मुकाबले में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की यह पहली जीत थी। इसके पहले पाकिस्तानको भारत के खिलाफ आज तक जीत नहीं मिली थी। चूंकि आफरीदी ने इस ऐतिहासिक जीत की नींव रखी थी, इसलिए पाकिस्तान चाहता है कि वे 28 अगस्त को भारत के खिलाफ जरूर खेलें।

‘सूर्योदय’ हो चुका है
लेकिन पिछले एक साल में बहुत कुछ बदल गया है। सूर्य कुमार यादव की अब कायापलट हो चुकी है। वे 2021 को पीछे छोड़ कर बहुत आगे निकल गये हैं। अब वे 360 डिग्री बैट्समैन के रूप में मशहूर हैं। उनकी बेरहम बल्लेबाजी दुनिया में चर्चा का विषय बन गयी है। जैसे चाह रहे हैं, जहां चाह रहे हैं, वहां शॉट मार रहे हैं। यॉर्कर लेंथ की गेंद पर चौका जड़ रहे हैं। सिर की तरफ आ रहे बाउंसर पर नये नये प्रयोग से चौका-छक्का ठोक रहे हैं। अपनी धांसू बैटिंग के कारण ही सूर्या ने सिर्फ एक साल के अंदर ही टी-20 की वर्ल्ड रैंकिंग में दूसरी पायदान हासिल कर ली। वे अभी 175.60 की स्ट्राइक रेट से बैटिंग कर रहे हैं।

खतरे में बाबर की बादशाहत
सूर्य के उदय के कारण नम्बर एक पर काबिज बाबर आजम की बादशाहत खतरे में पड़ गयी है। शॉर्टपिच गेंद, भारतीय बल्लेबाजों की एक बड़ी कमजोरी मानी जाती रही है। लेकिन सूर्या ने इस गेंद पर भी महारत हासिल कर ली है। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टी-20 में सूर्या ने 44 गेंदों पर 76 रन बनाये थे। कैरेबियन तेज गेंदबाजों ने उन्हें डराने के लिए लगातार बाउंसर डाले। लेकिन सूर्या ने बिना डरे इन पर बड़े शॉट्स खेले। उन्होंने 15 शर्टपिच गेंदों पर 29 रन बनाये थे।

आफरीदी की हो चुकी है धुनायी, सूर्या भी कर सकते हैं
माना जा रहा है कि सूर्या का जो प्रचंड तूफान है उसमें शाहिन आफरीदी भी उड़ जाएंगे। पाकिस्तान भले आफरीदी को तुरुप का एक्का मानता हो लेकिन उनकी धुनायी हो चुकी है। 2021 टी-20 विश्वकप के सेमीफाइनल में पाकिस्तान का ऑस्ट्रेलिया से मुकाबला हुआ था। 19वां ओवर शाहीन आफरीदी ने फेंका था जिसमें मैथ्यू वेड ने लगातार तीन छक्के मार कर ऑस्ट्रेलिया को जीत दिला दी थी। कंगारू टीम को जीत के लिए अंतिम दो ओवरों में 22 रन चाहिए थे। आफरीदी के 19 वें ओवर में पहली गेंद पर कोई रन नहीं बना। स्टोइनिस स्ट्राइक पर थे। दूसरी गेंद पर स्टोइनिस ने लेग बाई के रूप में एक रन लिया।
अब स्ट्राइक मैथ्यू वेड के पास थी। तीसरी गेंद वाइड हो गयी। एक रन इससे मिल गया। तीसरी गेंद फिर फेंकनी पड़ी। वेड ने हवाई शॉट खेला लेकिन हसन अली ने कैच टपका दिया। इससे वेड को जीवनदान के साथ-साथ दो रन भी मिल गये। इसके बाद वेड ने आफरीदी की चौथी, पांचवीं और छठी गेंद पर छक्का मार कर एक ओवर पहले ही ऑस्ट्रेलिया को जीत दिला दी। आफरीदी के इस खराब ओवर के कारण ही पाकिस्तान यह मैच हार गया था। जो मैथ्यू वेड ने किया उससे बेहतर सूर्या कर सकते हैं। आफरीदी हों, रऊफ हों, नसीम शाह हों या वसीम जूनियर हों, सूर्या के आगे शायद ही टिक सकें।












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