सीएम योगी ने सोनभद्र में 575 करोड़ की 233 योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया, वन भूमि का पट्टा भी सौंपा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सोनभद्र में 575 करोड़ की 233 योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया, इस दौरान 12 जनपदों के 23335 आदिवासियों को उन्होंने वनभूमि का पट्टा भी किया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को सोनभद्र जिले के बभनी इलाके में स्थित सेवाकुंज आश्रम में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे। कार्यक्रम में सीएम ने 575 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके अलावा सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, ललितपुर, चित्रकूट, गोंडा, बहराइच, बिजनौर, महाराजगंज, गोरखपुर, बलरामपुर और सहारनपुर आदि बारह जनपदों में रहने वाले 23335 आदिवासी लोगों को वनाधिकार कानून के तहत वन भूमि पट्टा आवंटित किए। कार्यक्रम में सभी जनपदों के एक-एक लाभार्थी शामिल रहे। आवास का लाभ पाने वाले लाभार्थियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गृह प्रवेश की शुभकामनाएं भी दी गई।

70 साल से सरकारी सुविधाओं से वंचित
कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मुसहर जाति के साथ ही अन्य आदिवासी समुदाय के लोग 70 वर्षों से सरकारी सुविधाओं से वंचित रहीं। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद वन वासियों के लिए भूमि पट्टा कराने के साथ ही उन्हें आवास देने की योजना का शुभारंभ किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि जेल भारतीयों के पास भूमि नहीं थी उनको भूमि पट्टा करने के साथ ही प्रधानमंत्री आवास और मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिया गया। इसके अलावा सरकार द्वारा जो भी योजनाएं चलाई जा रही हैं उन सभी योजनाओं को पात्र लोगों तक पहुंचाया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा चलाई जाने वाली योजनाएं सही लोगों तक पहुंच रही है कि नहीं इसके बारे में समय-समय पर अधिकारियों से पूछताछ भी की जाती है।
जाति के नाम पर समाज को किए विभाजित
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री आवास योजना को लागू किया गया था और प्रदेश में उस में भारतीय जनता पार्टी की सरकार नहीं थी। उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश की सरकार द्वारा इस योजना को अपने स्तर से लागू कराने के लिए प्रस्ताव भी नहीं भेजा गया था। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग जाति के नाम पर समाज को विभाजित करने का काम करते हैं उनसे विकास की उम्मीद नहीं की जा सकती। पिछली सरकारों में गरीबों तक योजनाएं नहीं पहुंचती थी और राजनीतिक भेदभाव के चलते समाज के एक बड़े तबके को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं दिया गया।
साढ़े पांच साल में 45 लाख गरीबों को दिया गया आवास
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि यही कारण था कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री आवास योजना लागू करने के बाद सबसे पहले यही प्रयास किया गया कि इस योजना का लाभ उनको दिया जाए जो लोग वास्तव में इस योजना के हकदार हैं। उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में साढे 5 वर्ष के दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में 45 लाख गरीबों को सिर ढकने के लिए एक-एक आवास उपलब्ध कराया गया है, जिसमें 27 लाख ग्रामीण क्षेत्र में और शेष 17 लाख से अधिक लाभार्थियों को शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया गया है।












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