बाइक पर बेटे का शव ले जाने के मामले में हुई कार्रवाई, एंबुलेंस चालक सेवा मुक्त तो चौकी इंचार्ज लाइन हाजिर
बाइक पर बेटे का शव ले जाने के मामले में हुई कार्रवाई, एंबुलेंस चालक सेवा मुक्त तो चौकी इंचार्ज लाइन हाजिर
सीतापुर, मई 27: मानवीय संवेदना को झकझोर देने वाली खबर सीतापुर जिले से सामने आई है। यहां एक पिता अपने मासूम बेटे के शव को पोस्टमार्टम हाउस ले जाने के लिए गिड़गिड़ाता रहा। लेकिन उसे कोई शव वाहन नहीं मिला तो वो अपने बेटे के शव को बाइक पर ही रखकर खुद ले गए। तो वहीं, अब इस मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। बता दें कि इस मामले में इंचार्ज शशांक पांडे को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इसके अलावा कांस्टेबल शशिधर मिश्र को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, एंबुलेंस चालक नीलेश को भी सेवा मुक्त कर दिया गया है।

क्या है पूरा मामला
यह मामला सीतापुर जिले के तालगांव थानाक्षेत्र के देवरिया गांव का है। प्राप्त समाचार के मुताबिक, गांव निवासी अंकुर (10) को मंगलवार को कसरैला के निकट अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। इस पर अंकुर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ देर तक इलाज के बाद अंकुर ने दम तोड़ दिया। इस पर अस्पताल प्रशासन ने रात होने के चलते शव को अस्पताल की शवगृह में रखवा दिया था। पुलिस ने पंचायतनामा भरकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए तैयार किया और जिला अस्पताल के वाहन से शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजने की बात बताई गई।
अस्पताल प्रशासन ने कही ये बात
इस पर परिवारजन ने इमरजेंसी में संपर्क साधा। पिता के मुताबिक इमरजेंसी में कर्मियों ने वाहन चालक से बात की। उसने 10 मिनट में आने की बात बताई। एक घंटे बाद भी चालक नहीं आया तो परिवारजन दोबारा गए। पिता का आरोप है कि चालक नशे में धुत था। ऐसे में परिवारजन बाइक पर ही शव लेकर पोस्टमार्टम हाउस चले गए। इसको देखकर हर कोई दंग रह गया। वहीं, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल अग्रवाल ने कहा कि पुलिस पंचनामा करके ही शव गृह तक पहुंचाती है। तो वहीं, ड्राइवर के शराब पीने का आरोप निराधार है।












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