भाजपा सरकार के कैबिनेट मंत्री के बेटे आश्रय शर्मा को मंडी से टिकट पर कांग्रेस कब लगाएगी मुहर?

शिमला। कांग्रेस पार्टी हिमाचल में अपने प्रत्याशियों की घोषणा अब 29 मार्च को करेगी। हालांकि, भाजपा ने प्रत्याशी घोषित कर चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है, लेकिन कांग्रेस पार्टी अभी भी मंथन के दौर में है। 29 मार्च को कांग्रेस की दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक होने जा रही है उसमें उम्मीवारों के नामों पर मुहर लगेगी। यही वजह है कि प्रदेश के तमाम कांग्रेस नेता दिल्ली में डेरा डाले हैं। सत्तारूढ़ दल भाजपा को भी इस ऐलान का इंतजार है। दरअसल, कांग्रेस में पूर्व केंद्रीय संचार मंत्री पंडित सुखराम व उनके पोते आश्रय शर्मा की वापसी के साथ पार्टी के समीकरण गड़बड़ा गये हैं। आश्रय शर्मा को मंडी से टिकट दिलाने के लिये सुखराम ने ऐसे समय में पैंतरा चला कि कोई भी उनकी वापसी का विरोध नहीं कर सका।

मंडी से आश्रय शर्मा की मजबूत दावेदारी

मंडी से आश्रय शर्मा की मजबूत दावेदारी

अब मंडी से कांग्रेस टिकट की आश्रय शर्मा की मजबूत दावेदारी है, लेकिन अब घोषणा का इंतजार है। इसके साथ ही हमीरपुर के पूर्व सांसद सुरेश चंदेल की भी कांग्रेस में ज्वॉइनिंग होने जा रही है। चंदेल इन दिनों भाजपा से अपनी अनदेखी को लेकर मुंह फुलाये बैठे हैं। कांग्रेस पार्टी भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर को इस बार कड़ी शिकस्त देने की कोशिशों में जुटी है, जिससे चंदेल को गले लगाया जा रहा है। हिमाचल भाजपा के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद रहे सुरेश चंदेल हमीरपुर से तीन बार सांसद रहे हैं और 1998 से 2000 तक प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भी रहे हैं। बताया जा रहा है कि सुरेश चंदेल की पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान से लगातार बैठक हो रही है और उन्होंने पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह व एआईसीसी की हिमाचल प्रभारी रजनी पाटिल से भी मुलाकात के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मिल चुके हैं। अब उनकी कांग्रेस में शामिल होने की औपचारिकता ही बची है, जो एक-दो दिन में किसी भी समय पूरी हो सकती है।

सीएम ने की चंदेल को मनाने की कोशिश, लेकिन...

सीएम ने की चंदेल को मनाने की कोशिश, लेकिन...

कांग्रेस पहले ही संकेत दे चुकी है कि चंदेल को पार्टी हमीरपुर से संसदीय चुनाव का प्रत्याशी बनाने जा रही है। हालांकि, सीएम जयराम ठाकुर ने चंदेल को मनाने की कोशिशें भी की हैं। बावजूद इसके चंदेल का कांग्रेस प्रेम कम नहीं हुआ है। भाजपा ने दोबारा अनुराग ठाकुर को प्रत्याशी बनाया है, तो भाजपा भी उनकी हसरत पूरी करने की स्थिति में नहीं है। लिहाजा चंदेल के पास कांग्रेस ही एक मात्र ठिकाना बचा है।

सुखराम के परिवार के प्रभाव को आज तक कोई तोड़ नहीं पाया

सुखराम के परिवार के प्रभाव को आज तक कोई तोड़ नहीं पाया

उधर ,भाजपा नेता भी नजर गढ़ाये बैठे हैं कि कांग्रेस चंदेल को हमीरपुर व आश्रय शर्मा को मंडी से मैदान में उतारती है कि नहीं। जो भी हो अगर दोनों बागी भाजपा नेता कांग्रेस के खेमे में टिकट लेने में कामयाब हो जाते हैं, तो हिमाचल की राजनीति में बड़ा बदलाव आयेगा। एक ओर अनुराग ठाकुर के लिये चंदेल से जूझना उतना आसान नहीं होगा, जितना पिछले चुनावों में होता था। वहीं, सीएम जयराम ठाकुर के राजनैतिक भविष्य की दशा व दिशा भी मंडी से भाजपा की हार या जीत से तय होगी। मंडी जयराम ठाकुर का गृह जिला है। इसके अलावा इस समय दस में से नौ विधायक भाजपा के हैं, लेकिन मंडी संसदीय चुनाव क्षेत्र में पंडित सुखराम के परिवार के प्रभाव को आज तक कोई तोड़ नहीं पाया है।

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