स्वामी चिन्मयानंद पर पहले भी लग चुका है रेप का आरोप, जानें पूरी कहानी
शाहजहांपुर। भाजपा के पूर्व सांसद और पूर्व गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ छात्राओं के शारीरिक शोषण के आरोपों में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। वीडियो शेयर कर पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाने वाली लापता छात्रा का अभी तक कोई सुराग नहीं लग सका है। पुलिस का कहना है कि छात्रा का फोन बंद है, इस वजह से उसे ढूंढने में दिक्कतें आ रही हैं। बता दें, स्वामी चिन्मयानंद पर पहली बार ऐसे आरोप नहीं लगे हैं, 2011 में उनके आश्रम में रहने वाली एक लड़की ने रेप का आरोप लगाया था। 30 नवंबर 2011 को शाहजहांपुर की कोतवाली में स्वामी चिन्मयानंद के ऊपर रेप की एफआईआर दर्ज की गई।

आठ साल पहले भी दर्ज हुआ था केस
साल 2011 में आश्रम में रहने वाली एक लड़की ने स्वामी चिन्मयानंद पर किडनैपिंग और रेप का आरोप लगाया था। शिकायत में कहा था कि हरिद्वार में आश्रम में रहने के दौरान स्वामी चिन्मयानंद ने उसका रेप किया था। पीड़िता के पिता ने शाहजहांपुर में एफआईआर दर्ज करवाई थी। इस मुकदमे के खिलाफ स्वामी चिन्मयानंद ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। पिछले साल यानि 2018 में यूपी की योगी सरकार ने चिन्मयानंद के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने का फैसला लिया।
पीड़ित पक्ष ने कोर्ट में फैसले पर चुनौती
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6 मार्च 2018 को शाहजहांपुर प्रशासन को पत्र लिखा गया था, जिसके बाद 9 मार्च 2018 को शाहजहांपुर प्रशासन ने स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने की सिफारिश कर दी थी। इस बारे में योगी सरकार के मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा था कि सरकार ने स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने का फैसला किया है। पीड़ित पक्ष ने सरकार के इस फैसले को अदालत में चुनौती दी थी। पीड़ित लड़की ने राष्ट्रपति, चीफ जस्टिस, यूपी के राज्यपाल और यूपी के सीएम के साथ जिला जज को पत्र लिखकर इंसाफ की मांग की थी। उसने स्वामी चिन्मयानंद की तुरंत गिरफ्तारी की मांग रखी थी।












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