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    भगत सिंह के भांजे ने दर्द किया बयान, जर्जर मकान में रह रहा शहीद का परिवार

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    शाहजहांपुर। शहीद भगत सिंह के भांजे शनिवार को यूपी के शाहजहांपुर पहुंचे। यहां उन्होंने शहीद अशफाक उल्ला खान के पौत्र से मुलाकात की। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बीजेपी सरकार को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि शहीद राज नारायण मिश्र देश के लिए फांसी पर लटक गए। सरकार ने उनको एक आवास देने से मना कर दिया। आलम ये है कि शहीद का परिवार 600 रूपए माह के किराए पर जर्जर मकान में रहने को मजबूर है। उनका कहना है कि बेहद शर्म की बात है कि बड़ी-बड़ी योजनाए चल रही हैं। अभी तक शहीद के परिवार को योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। साथ में आए साहित्यकार ने नगर विकास मंत्री पर सवाल किए और कहा कि कई बार उनको आवास दिलाने के लिए पत्र लिखा जा चुका है लेकिन अभी तक मंत्री का कोई जवाब नहीं मिला है।

    सभी सरकारों को लेकर किया गुस्सा जाहिर

    सभी सरकारों को लेकर किया गुस्सा जाहिर

    दरअसल कल यानि 9 दिसंबर को शहीद राज नारायण मिश्र का बलिदान दिवस मनाया जाएगा। ऐसे में शहीद राज नारायण मिश्र पर बरेली के साहित्यकार व लेखक सुधीर विद्यार्थी ने एक पुस्तक लिखी है, जिसका विमोचन कल उनके बलिदान दिवस पर होगा। उनके साथ में लुधियाना से आए शहीद भगत सिंह के भांजे प्रोफेसर जगमोहन सिंह भी साथ में थे। यहां उन्होंने शहीद अशफाक उल्ला खान के पौत्र से मुलाकात की। इस दौरान जगमोहन सिंह ने मीडिया से बात करके सभी सरकारों पर गुस्सा जाहिर किया। उनका कहना है कि लखीमपुर के गोला में रहने वाले शहीद राज नारायण मिश्र को 1944 मे लखनऊ की जेल मे फांसी दे दी गई थी। उसके बाद अभी तक उनको शहीद होने का फायदा उनके परिवार को नहीं मिल सका है।

    भगत सिंह के भांजे रहे मौजूद

    भगत सिंह के भांजे रहे मौजूद

    शहीद भगत सिंह के भांजे जगमोहन सिंह ने कहा कि शहीद राज नारायण मिश्र की पत्नी विधा देवी ने 1985 में शासन को पत्र लिखा था। जिसमें उन्होंने कहा था कि हमने अपने पति को बहुत खुश होकर देश की सेवा में शहीद होने के लिए भेज दिया था। इसलिए हमें कुछ जमीन दे दी जाए ताकि हमारा परिवार सुकून से रहे सके। इस बात पर शासन से जवाब आया कि हम भूमि नहीं दे सकते। उनका कहना है कि देश में सभी सरकारों में बड़ी-बड़ी योजनाएं चल रही हैं। जब इन योजनाओं का लाभ शहीदों को नहीं मिल सकता तो इसका कोई फायदा नहीं है। उनका कहना है कि शहीद राज नारायण मिश्र को शहीद होने का हक दिया जाए। साथ ही परिवार को रहने के लिए एक आवास भी दिया जाए।

    सुरेश खन्ना को लिखा जा चुका है कई बार पत्र

    सुरेश खन्ना को लिखा जा चुका है कई बार पत्र

    बरेली के क्रान्तिकारी लेखक व साहित्यकार सुधीर विद्यार्थी ने बताया कि शहीद राज नारायण मिश्र के पोतों के लिए गोला में आवास दिलाने के लिए नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना को पत्र लिख चुके हैं लेकिन उनका अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। सुधीर विद्यार्थी ने कहा कि शहीद राज नारायण मिश्र के उपर एक पुस्तक लिखी है। उस पुस्तक का नाम है भीखमपुर की माटी। उसका विमोचन वह कल शहीद राज नारायण मिश्र के बलिदान दिवस पर करेंगे।

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    English summary
    shahid bhagat singh nephew meet with ashfak ullah khan grandson shahjahanpur
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