Satna News : सतना में भूतों और जवानों ने की मनरेगा मजदूरी, अंगूठा लगा कर भुगतान भी लिए
Satna news : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मनरेगा में रोजगार की गारंटी इतनी पक्की है कि मरने के बाद और सरहद में तैनात जवानों से भी मजदूरी कराई जाती है। गांव के प्रधान की ईमानदारी देखिए कि वह मुर्दों और जवानों को बाकायदा भुगतान भी करते हैं। यहां ग्रामीणों का आरोप तो है ही बल्कि मनरेगा की वेबसाइट में दर्ज आंकड़े हैं। मामला मध्यप्रदेश के सतना जिले का है।

भूतों और जवानों ने की मजदूरी
इस ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यो में भूतों ने मजदूरी की। इतना ही नही देश की सरहद में तैनात सेना के जवान मनरेगा मजदूर बन गए। ग्राम पंचायत मेहुती में पिछले 3 साल में हुए तालाब गहरीकरण, मेड़बंधान, और सड़क निर्माण में मृत व्यक्तियों और सेना के जवानों के मस्टररोल जारी कर मजदूरी भुगतान कराया गया। पूरे घोटाले की शिकायत जिला पंचायत सीईओ से की गई है।
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1 दर्जन से अधिक मृत लोगों के नाम से निकाली गई राशि
सतना के मझगवां जनपद के ग्राम पंचायत मेहुती में बड़ा ही सनसनीखेज घोटाला सामने आया। जहा करीब 1 दर्जन से ज्यादा मृतक के नाम से रोजगार गरंटी में मजदूरी का भुगतान हो गया। जो सालों पहले देव लोक में चले गए वो कागज में पंचायत के विकास कार्य मे मजदूर बन गए। बैंक से मजदूरी की राशि भी प्राप्त किया। इतना ही नही सेना के जवान जो वार्डर में तैनात है वो भी कागज में मजदूरी कर लाभ ले रहे है।

मृतक के परिजनों को नहीं है जानकारी
परिजनों परिजनों ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बात की जानकारी ही नही की किस कार्य मे कौन क्या किया, परिवार वालों का आरोप है कि ये सब सचिव और रोजगार सहायक मिलीभगत कर भुगतान का गवन कर रहे है।तात्कालिक सरपंच का भी आरोप है कि इस मामले में रोजगार सहायक का हाथ है।

जांच में सही पाया गया
सतना जिले के ग्राम पंचायत मेहुती में हुए घोटाले की शिकायत स्थानीय प्रशासन से की गई। जिला पंचायत सीईओ ने जांच भी कराई और आरोप सही पाए गए, इस मामले में रोजगार सहायक मंजुला त्रिपाठी पर सिर्फ अनुसात्मक कार्यवाही की गई और मृत ब्यक्तिओ के नाम निकाली गई राशि को सैलरी से कटौती की गई, हालकि जिला पंचायत सीईओ की माने तो इस मामले में दोबारा जाँच कराई जाएगी।

इन लोगों का घोटाले में हाथ
बहरहाल मामला शासकीय राशि के आहरण का है, इस पूरे घोटाले में सचिव रोजगार सहायक के साथ बैंक कर्मियों की संलिप्पता है। तभी तो मृत व्यक्तियों के नाम से बैंक से राशि निकाली जा रही है।












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