MP: विंध्य क्षेत्र में बीजेपी ने चौंकाया, दूसरी लिस्ट में सतना से चार बार के सांसद को दिया गढ़ जीतने का जिम्मा
MP Election 2023: भाजपा ने विधानसभा 2023 चुनाव के लिए अपनी दूसरी सूची के जरिए बड़ा धमाका किया है। सतना जिले की सबसे प्रतिष्ठापूर्ण सीट सतना में अपने सबसे बड़े चेहरे 4 बार के सांसद गणेश सिंह को चुनावी रणभूमि पर ला खड़ा किया है।
साल 2003 में उमा भारती की मध्य प्रदेश की राजनीति में आमद के बाद भारतीय जनता पार्टी में आए गणेश सिंह वर्ष 2004 में पहली बार बीजेपी के टिकट पर लोकसभा सदस्य चुने गए थे। उस समय बीजेपी ने उन्हें लोकसभा का टिकट दिया था।

सतना जिला पंचायत के अध्यक्ष थे। तब से लगातार वे सतना लोकसभा सीट पर बीजेपी की विजय पताका फहराते रहे हैं। उन्होंने पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल, विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉक्टर राजेंद्र कुमार सिंह, पूर्व सांसद सुखलाल कुशवाहा और पूर्व महापौर राजाराम त्रिपाठी को लोकसभा चुनावों में हराया। हालांकि उसके पहले उन्होंने विधानसभा चुनावों में भी किस्मत आजमाई थी लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
छात्र राजनैतिक सफर की शुरुआत करने वाले सांसद गणेश सिंह को पिछड़ा वर्ग का बड़ा चेहरा माना जाता है। लोकसभा चुनावों में यह फैक्टर उनकी जीत में बड़ी भूमिका निभाता आया है। हालांकि विधानसभा चुनाव के स्तर पर सतना सीट पर अगड़े मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
बता दें कि सतना सीट से पूर्व बीजेपी विधायक शंकरलाल तिवारी सहित अन्य कई नाम भाजपा के टिकट के लिए देवदारी कर रहे थे लेकिन इन सबके बीच बीजेपी में सतना में अपने सबसे बड़े चेहरे गणेश सिंह पर भरोसा जताया है।
जनता दल के जरिए ही सांसद गणेश सिंह ने राजनीति में कदम रखने वाले। जब सागर से सांसद रहे लक्ष्मी नारायण यादव मध्यप्रदेश में जनता दल के प्रदेशाध्यक्ष हुआ करते थे। तब उन्होंने सतना के इस होनहार और जुझारू युवा की क्षमता पहचानते हुए, युवा जनता दल की मध्यप्रदेश इकाई का प्रदेशाध्यक्ष बनाया था।
1992 में जब शरद यादव ने वीपी सरकार गिर जाने के बाद देश भर में मंडल रथयात्रा निकाली थी, तो एमपी में इस यात्रा के प्रभारी युवा नेता गणेश सिंह ही थे। जोशीला और मंत्रमुग्ध कर देने वाला उद्बोधन देने वाले गणेश सिंह ने मंडल आयोग की सिफारिश लागू करने को क्रांतिकारी कदम बढ़ाते हुए। पूरे मध्य प्रदेश में युवा जनता दल के संगठन को मजबूत करने में काफी जोर लगाया।
मध्यप्रदेश के सतना जिले में खमरिया गांव में पिता कमल भान सिंह और माता फूलमती सिंह के परिवार में पैदा हुए गणेश सिंह ने अपने क्षेत्र में अपना जनाधार बढ़ाना जारी रखा। 1995 में वे अपने ही दम पर जिला पंचायत सदस्य बने।












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