PDA Pathshala: भदोही में स्कूली बच्चों को 'A फॉर अखिलेश' पढ़ाने पर सपा नेत्री अंजनी सरोज पर कार्रवाई
PDA Pathshala: यूपी भदोही में स्कूली बच्चों को राजनीतिक विरोध का हिस्सा बनाना समाजवादी पार्टी के नेताओं को महंगा पड़ गया है। स्कूल मर्जर के खिलाफ 'पीडीए पाठशाला' चला रही सपा के एक कार्यक्रम में बच्चों की भागीदारी को लेकर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
घटना औराई ब्लॉक के सिकंदरा गांव की है जहां प्राथमिक स्कूल के बच्चों को पास के गांव पिलखनी में संचालित केंद्र में स्थानांतरित किया गया था। इसी केंद्र में सपा कार्यकर्ताओं ने कथित रूप से बच्चों को विरोध मार्च में शामिल किया।

इस मामले में जिला प्रशासन का कहना है कि बच्चों का स्थानांतरण उनके अभिभावकों की सहमति से हुआ था। मगर वहां सपा नेत्री अंजनी सरोज का पहुंचना, स्टेशनरी बांटना और बच्चों से विरोध करवाना विवाद का कारण बन गया।
बच्चों को बैनर थमाकर कराया गया मार्च
इस बारे में अधिकारियों ने बताया कि सपा नेत्री अंजनी सरोज अपने समर्थकों के साथ केंद्र पर पहुंचीं और बच्चों को पेंसिल, रबर और टॉफियां वितरित कीं। आरोप है कि उन्होंने बच्चों को पार्टी बैनर पकड़ाकर मार्च में सिकंदरा स्कूल तक पैदल चलवाया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान 'ए फॉर अखिलेश, बी फॉर बाबा साहेब,डी फॉर डिंपल' जैसे शब्द बच्चों को सिखाए जाने का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू की। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा ने सपा पर बच्चों के राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
शिक्षा अधिकारी पर विभागीय जांच
सिकंदरा स्कूल के प्रधानाध्यापक सभाजीत यादव ने इस पूरी घटना की शिकायत चौरी थाने में दी थी। शिकायत के बाद सपा नेत्री अंजनी सरोज के साथ ही करीब एक दर्जन सपा कार्यकर्ताओं पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
प्रशासन ने लापरवाही के आरोप में औराई के सहायक शिक्षा अधिकारी रमाकांत सिंगरौल के खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश भी दिए हैं। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े वीडियो की जांच जारी है और अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
'पीडीए पाठशाला' पर कायम सपा
इस पूरे प्रकरण पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी बच्चों की शिक्षा छीनना चाहती है। उन्होंने कहा कि स्कूल दूर ले जाकर गरीबों को शिक्षा से दूर किया जा रहा है।
सपा का दावा है कि 'पीडीए पाठशाला' बच्चों को वैकल्पिक शिक्षा देने का प्रयास है, जहां वे कुछ तो सीख रहे हैं। हालांकि भाजपा इसे शिक्षा के नाम पर राजनीतिक एजेंडा थोपने की कोशिश बता रही है।












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