यूपी चुनाव 2022: पौराणिक कथाओं से जुड़ा है ‘नकुड़ विधानसभा’ का नाता, 64 साल में पहली बार मिली थी बीजेपी को जीत
सहारनपुर, 09 नवंबर: 2022 में उत्तर प्रदेश के अंदर विधानसभा चुनाव होने है, जिसमें अब कुछ ही महीनों का समय शेष बचा है। ऐसे में सत्ताधारी पार्टी बीजेपी अपनी जीत को जहां दोहराकर सत्ता पर एक बार फिर से काबिज होने का हर संभव प्रयास करेगी। वहीं, सत्ता से दूर अन्य राजनीतिक पार्टियां भी यूपी की कुर्सी हासिल करने की भी पूरी कोशिश करेंगी। hindi.oneindia.com आज आपके लिए लेकर आया है सहारनपुर जिले की नकुड़ विधानसभा सीट के राजनीतिक इतिहास, पिछले चुनावों का रिजल्ट और भी बहुत कुछ...

नकुड़ सीट पर है बीजेपी का कब्जा
नकुड़ विधानसभा सीट (अनारक्षित), सहारनपुर जिले की कैराना लोकसभा सीट के अंतर्गत आती है। फिलहाल इस सीट पर बीजेपी का कब्जा है और यहां से डॉ. धर्म सिंह सैनी मौजूदा विधायक हैं। साल 2017 में डॉ.धर्म सिंह सैनी नकुड़ सीट दूसरी बार जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। इससे पहले 2012 में डॉ.धर्म सिंह सैनी बीएसपी के टिकट पर जीते थे। नकुड़ सीट पर हर बार 72 फीसदी से ज्यादा वोटिंग होती रही है। बता दें, नकुड़ विधानसभा क्षेत्र का विस्तार केसी नकुड़, सरसावा, सुल्तानपुर, सरसावा एनपीपी, नकुर एनपीपी और नकुड़-तहसील के चिलकाना सुल्तानपुर एनपी तक है।

1952 में पहली बार अस्तित्व में आई थी नकुड सीट
नकुड़ विधानसभा सीट पहली बार 1952 में अस्तित्व में आई थी और यहां वोट डाले गए थे। उस वक्त इंडियन नैशनल कांग्रेस के दाता राम विधायक बने थे। इस सीट पर दूसरा विधानसभा चुनाव 1957 में हुआ था, इसमे भी दाता राम को जनता ने अपना नेता चुना था। 1962 में हुए विधानसभा चुनाव यह सीट फिर से कांग्रेस को मिली, लेकिन इस बार यशपाल सिंह विधायक बने।

कब-कब इस सीटे से कौन जीता
1967 में हुए विधानसभा चुनाव में यह सीट निर्दलीय प्रत्याशी को मिली और एन. सिंह विधायक बने। लेकिन 1969 में इस सीट पर फिर से उप-चुनाव हुआ और निर्दलीय प्रत्याशी काजी मसूद विधायक बने। 1974 और 1977 के चुनाव में लगातार यह सीट कांग्रेस को मिली और यशपाल सिंह विधायक बने। 1985 में लोकदल के राम शरन विधायक बने। 1989 और 1991 में लगातार दो बार निर्दलीय मास्टर कंवर पाल इस सीट पर चुनाव जीते।

64 साल बाद बीजेपी के खाते में गई ये सीट
1993 में यह सीट फिर से कांग्रेस के खाते में गई और यश पाल सिंह चुने गए। 1996 में निर्दलीय कुंवर पाल सिंह फिर विधायक बने। 2000 में आरएलडी के प्रदीप कुमार को चुनकर विधानसभा भेजा। तो वहीं, 2002 में यहां की जनता ने कांग्रेस के डॉ. सुशील चौधरी को जीताकर विधानसभा भेजा। 2007 में बीएसपी के महिपाल सिंह और 2012 में धरम सिंह सैनी बीएसपी से विधायक बने। 2017 में धरम सिंह सैनी बीजेपी की टिकट पर जीते और विधायक बने।

नकुड़ सीट पर जानें कुल मतदाताओं की संख्या
भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, नकुड़ विधानसभा में कुल 2,98,985 मतदाता हैं। इनमें 1,60,380 पुरुष मतदाता, जबकि 1,38,575 महिला मतदाता शामिल हैं, जो प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करते हैं।

पौराणिक कथाओं से जुड़ा है ‘नकुड़' का नाता
ऐसा कहा जाता है कि नकुड़ विधानसभा सीट का नाता पौराणिक कथाओं से जुड़ा हुआ है। इसकी स्थापना पाण्डु पुत्र नकुल ने की थी। इसकी स्थापना महाभारत का युद्ध लड़ने कै दौरान की गई थी। नकुर में एक वृक्ष है जिसके नीचे नकुल ठहरे थे। अब यहां एक महादेव का मंदिर बन गया है और पेड़ मंदिर के परिसर में आता है।












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