Sagar: "टमाटर' के लिए प्रसिद्ध् 'चनौआ' के किसानों ने 2 रुपए किलो बेचा, अब 'चिंतामणि' का 120 में खरीद रहे
बुंदेलखंड में सागर का 'चनौआ' गांव टमाटर की खेती के लिए प्रसिद्ध है। यहां देशी टमाटर महानगरों और टोमेटो कैचप फैक्टरियां खरीदती हैं। एक से दो महीने पहले तक चनौआ के किसानों ने टमाटर 1 और 2 रुपए किलो के भाव से बेचा था। चंद दिनों में टमाटर के दिन फिरे तो देखिए चनौआ के किसान ही बैंगलुरू की चिंतामणि मंडी का 120 रुपए किलो का टमाटर खरीदकर खा रहे हैं।

वर्तमान में गांव से लेकर देशभर में टमाटर की चर्चा हो रही है। टमाटर ने 60 दिन में 1 रुपए से 120 रुपए प्रतिकिलो तक सफर तय किया है। सामान्य और गरीब घरों की सब्जी और थाली से टमाटर गायब हो गया है! खेती-किसानी के लिए प्रसिद्ध बुंदेलखंड में इन दिनों बैंगलुरू की चिंतामणि मंडी से टमाटर की खेप आ रही है। स्थानीय खेतों से टमाटर की उपज खत्म हो गई या खराब हो गई। दरअसल टमाटर की जितनी डिमांड है, उसकी अपेक्षा 50 फीसदी टमाटर ही मंडियों में उपलब्ध हो पा रहा है। आवक कम होने से रेट आसमान छू रहे हैं।
टमाटर ही नहीं अन्य सब्जियां भी खूब महंगी हो गईं
सब्जियों के साथ-साथ अदरक, लहसुन, धनिया भी खूब महंगा बिक रहा है। प्रतिकिलो इनकी कीमतें 200 रुपए तक पहुंच गई हैं। धनिया भी बारिश की वजह से महंगा बिक रहा है। फलों की बात की जाए तो आम 50 से 70 रुपए किलो, पपीता 50 रुपए किलो बिक रहा है।
बुंदेलखंड के बाजारों में सब्जियों के दाम
टमाटर 120 से 130 रुपए प्रति किलो
अदरक 300 रुपए किलो
लहसुन 200 रुपए किलो
धनिया 200 रुपए किलो
हरी मिर्च 200 रुपए किलो
परवल 100 रुपए किलो
करेला 100 रुपए किलो
शिमला मिर्च 110 रुपए किलो
गोभी 30 रुपए किलो
भिंडी 40 रुपए किलो
लौकी 30 रुपए किलो
भटा 35 रुपए किलो
आलू 25 रुपए किलो
प्याज 20 रुपए किलो
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