IVF से जन्में बेटे का कर्मकांड करने अस्थियां मांग रहा पिता, DNA मैच न होने से पुलिस का इंकार
Madhya pradesh के दमोह जिले के पथरिया थाना के पिपरिया छक्का गांव निवासी एक पिता अपने 14 साल के लापता बेटे का कंकाल मिलने के बाद कर्मकांड के लिए अस्थियां मांग रहा है, लेकिन पुलिस इसलिए नहीं सौंप पा रही क्योंकि माता-पिता का DNA मैच नहीं हुआ। बच्चा IVF से जन्मा था, अब उसके लिए स्पर्म डोनेट करने वालों की जानकारी निकाली जा रही हैं। चंडीगढ़ फॉरेंसिक लैब से उनका DNA कराया जाएगा।

दमोह जिले के पथरिया थाना के पिपरिया छक्का गांव निवासी लक्ष्मण पटेल का दावा है कि कंकाल उनके बेटे जयराज पटेल का ही है। जो टीशर्ट व कपड़े मिले हैं, वे उन्होंने ही उसे खरीदकर दिए थे। लेकिन पुलिस ने जब कंकाल के मस्तिष्क की हड्डी और बालों के सैंपल माता-पिता के डीएनए की जांच कराई तो रिपोर्ट निगेटिव आ गई। इसके बाद पुलिस ने कंकाल जयराज का होने से इंकार दिया। लक्ष्मण व पत्नी ने बताया कि उनका बेटा आईवीएफ तकनीक से जन्मा था, जिसके बाद अब पुलिस इंदौर के आईवीएफ हॉस्पिटल से स्पर्म दान करने वालों की जानकारी जुटा रही है। इनका भी डीएनए कराया जाएगा।

Damoh एसपी राकेश कुमार सिंह ने स्थानीय मीडिया को जानकारी देते हुए बताया है कि पिपरिया छक्का गांव में एक बालक लापता हो गया था। उसका पता नहीं चल सका है। उसी गांव में 14 मई को एक कंकाल मिला। फरियादी लक्ष्मण पटेल ने यह कंकाल उनके बेटे के होने का दावा किया था। डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आई। बाद में पता चला कि बालक का जन्म आईवीएफ से हुआ था। इसके दस्तावेज मांगे थे, जो उनके पास नहीं थे। अभी जांच की जा रही है।
लापता होने के 74 दिन बाद मिला कंकाल
लक्ष्मण पटेल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मेरा 14 साल का बेटा जयराज सेंट जॉस स्कूल में कक्षा 10वीं में पढ़ता था। वह 28 मार्च को गांव में ही घूमने गया था, उसके बाद फिर नहीं लौटा। मैंने और मेरी पत्नी यशोदा ने अपने स्तर पर बेटे को ढूंढने के काफी प्रयास किए। उसकी तलाश में दिन-रात एक कर दिए। बेटे को ढूंढकर लाने वाले को पहले ढाई लाख रुपए का इनाम देने की बात कही। फिर इसे बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया था। जयराज की मां का आरोप है कि पति के सौतेले भाई से उनका जमीन का विवाद चल रहा था, इसी रंजिश में मेरे बेटे को मार दिया गया।












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