Unique Rath Yatra: बकरे खींचते हैं मरई माता का रथ, 1 क्विंटल नींबू से होगा उतारा
मध्य प्रदेश में रथयात्रा के दिन तिसाला पूजा के साथ जाटव समाज अनूठी रथयात्रा निकालता है। इसमें मरई माता के रथ को इंसान नहीं बल्कि बकरे खींचते हैं। काले रंग के बकरों को रथ में घोड़े के जैसे लगाया जाता है। पूजा के साथ ये आगे-आगे चलते हैं और यात्रा में हजारों लोग इनको देखने व मां का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं।

सागर में सुख-समृद्धि की कामना एवं बुरी शक्तियों से रक्षा के लिए सदर में जाटव समाज द्वारा 250 साल से सार्वजनिक तिसाला बड़ी पूजा और रथयात्रा निकाली जा रही है। इस साल यह पूजा और रथयात्रा 20 जून को निकाली जाएगी। आयोजन समिति के मुखिया भगवती प्रसाद जाटव ने बताया कि मरई माता का रथ 60 साल से सदर मुहाल 14 निवासी बढ़ई परिवार बना रहा है। इस साल परिवार की तीसरी पीढ़ी के तीन कारीगरों ने मिलकर रथ का निर्माण किया है। नीम की लकड़ी और प्लाईवुड से तैयार रथ की ऊंचाई 12 फीट है। जबकि लंबाई 9 और चौड़ाई 5 फीट है। रथ में लकड़ी का काम पूरा हो चुका है। अब केवल सजावट बाकी रह गई है। रथयात्रा में काले रंग के दो बकरे रथ को खींचते चलते हैं।
रथयात्रा खैरमाता मंदिर 14 मुहाल से निकाली जाती है। चूंकि कोरोना महामारी के कारण 6 साल बाद यात्रा का आयोजन हो रहा है। लिहाजा इस साल यात्रा भव्य स्वरूप प्रदान किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। रथयात्रा में 7 डीजे, 10 अखाड़े, भजन मंडली, रमतूला, 3 बैंड पार्टी, 2 धमाल पार्टी, शहनाई पार्टी और डमरु दल के सदस्य शामिल होंगे।
51 किलो फूलों से सजेगा रथ, 151 पंडा-पुजारी शामिल हाेंगे
आयोजन समिति के सदस्य लल्लू चौधरी ने बताया कि इस बार 51 किलो फूलों से सजे रथ में 25 चांदी के छत्रों के अलावा माता रानी का खप्पर विराजमान होगा। समाज के युवा रथ के आगे 200 झंडे लेकर चलेंगे। यह झंडे रथयात्रा के रूट में पड़ने वाले मंदिरों में चढ़ाए जाएंगे। यात्रा में 151 पंडा-पुजारी शामिल होंगे। यह एक क्विंटल नींबू व नारियल से श्रद्धालुओं का उतारा कर सभी बलाओं को विसर्जित करेंगे। रथयात्रा के समापन के बाद आयोजन स्थल खैरमाता मंदिर 14 मुहाल में विशाल भंडारा आयोजित किया जाएगा।
खप्पर यात्रा में 200 महिलाएं कलश रखकर चलेंगी
आयोजन समिति के सदस्य शिवकृपाल जाटव ने बताया कि इस बार मातारानी की खप्पर यात्रा में 200 महिलाएं कलश लेकर आगे चलेंगी। पदयात्रा में डमरू नृत्य व परंपरागत बरेदी नृत्य कलाकारों की मंडली शामिल रहेगी। इसके साथ ही अखाड़ों के युवा मलखंब का प्रदर्शन करते हुए झांकियां शामिल होंगी।












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