Nauradehi Sanctuary: टाइगर प्रोजेक्ट सफल, 16 बाघ-बाघिन और शावक, TIGER का एक जोड़ा फिर आएगा

नौरादेही अभयारण्य आगामी भविष्य में प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बनने वाला है। इसी कारण यहां बाघों की संख्या बढ़ाने प्रदेश के ऐसे टाइगर रिजर्व जहां क्षमता से अधिक बाघ हैं, वहां से बाघों का एक जोड़ा यहां शिफ्ट होगा।

बाघों को भा गया नौरादेही, 2 से 16 हुए, अब बाघ-बाघिन का नया जोड़ा आएगा

मप्र में सागर का नौरादेही वन्यप्राणी अभयारण्य बाघों को भा गया है। यहां पांच साल में 2 से 16 बाघ हो गए। आगामी दिनों में यह प्रदेश का सबसे बड़े क्षेत्रफल वाला टाइगर रिजर्व बनने जा रहा है। यहां पर दूसरी दफा अन्य टाइगर रिजर्व से बाघों का जोड़ा शिफ्ट किया जा रहा है। बता दें कि बाघ पुनर्स्थापन प्रोजेक्ट के तहत साल 2018 में यहां राधा-किशन नाम से बाघों को शिफ्ट किया गया था।

टाइगर प्रोजेक्ट के तहत मप्र में अब सागर के नौरादेही और शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क को तेजी से विकसित किया जाएगा। सागर, दमोह और नरसिंहपुर की सीमा में फैले नौरादेही वन्य प्राणी अभयारण्य प्रदेश का सबसे बड़ा अभयारण्य है। इसके नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व बनाने का प्रस्ताव केंद्र में विचाराधीन है। 2018 में बाघ पुनर्स्थापन प्रोजेक्ट लागू होने के बाद महज दो बाघों से यहां पांच साल में 16 बाघ हो गए हैं। वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट के अनुसार नौरादेही में वह सबकुछ है जो बाघ और चीतों के प्राकृतिक आवास में होता है। बायो डायवर्सिटी के लिए यहां एक और युवा बाघ-बाघिन का जोड़ा लाने की प्लानिंग वन विभाग कर रहा है।

Recommended Video

    नौरादेही को मिलेगा सबसे बड़े टाइगर रिजर्व का तमगा, जाने कहां आ रही दिक्कत

    ऐसे टाइगर रिजर्व से लाएंगे जहां इनकी संख्या ज्यादा है
    नौरादेही अभयारण्य प्रबंधन के अनुसार यहां से करीब दो साल पहले यहां बाघ-बाघिन का एक और जोड़ा लाने के लिए मंथन प्रारंभ हुआ था, इस संबंध में विभागीय मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। संभवत: ऐसे अभयारण्यों से बाघ लाए जाएंगे जहां पर इनकी संख्या क्षेत्रफल के लिहाज से ज्यादा है। ऐसे रिजर्व में कान्हा, बांधवगढ़ और पन्ना से इनका जोड़ा लाया जा सकता है।

    चीतों को बसानें के लिए भी सबसे अनुकूल महौल है
    बता दें कि साल 2011 के आसपास केंद्र सरकार की टीमों ने मप्र के नौरादेही, कूना पालपुर, गांधीसागर वन्य प्राणी अभयारण्यों का निरीक्षण कर अफ्रीकन चीतों को दोबारा भारत की धरती पर बसाने के लिए सर्वे किया था। इसमें नौरादेही को सबसे ज्यादा अनुकूल पाया गया था। यहां पर सबसे बड़ा क्षेत्रफल, घास के लंबे चौड़े मैदान, पहाड़ घुफा, नदी, तालाब, पोखर, हजारों प्रकार की वन​स्पतियां, शाकाहारी-मांसाहारी वन्य प्राणी, सैकड़ों प्रजाति के पशु-पक्षी, जलचर सबकुछ यहां मौजूद हैं। भविष्य में यहां चीतों को बसाने की योजना भी है।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+