Bageshwar Dham धीरेंद्र शास्त्री की नजर में टीवी चैनल की कीमत दो कौड़ी, बोलेः इनमें बने रहने के लिए नहीं बोलते
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हम वहीं बोलते हैं जो शास्त्र सम्मत होता है, लेकिन कुछ लोग कहते हैं कि हम दो कौड़ी की टीवी में आने को बोलते हैं, इस भारत में महावीर को भी लोग पत्थर मारते थे।

बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री जब-तब अपनी कथाओं के दौरान कुछ न कुछ ऐसा बोल जाते हैं, कि विवादों और चर्चाओं में फंस जाते हैं। बीते रोज भी उन्होंने टीवी और चैनलों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हम इन दो कौड़ी के टीवी में आने के लिए नहीं बोलते हैं, हम शास्त्र के अनुसार बोलते हैं।
धीरेंद्र शास्त्री ने मध्य प्रदेश के सागर में श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कहा कि हम सदैव वही बोलतें हैं जो शास्त्र सम्मत है, लेकिन बोलने में बुंदेली का प्रभाव तो रहता है। लेकिन वह मति और भाव हमारे रहते हैं। कुछ लोग कहते हैं कि टीवी पर बने रहने के लिए मैं कुछ शब्दों को बोलता हूं। तो हम दो कौड़ी की टीवी में बने रहने के लिए नहीं बोलते। इस भारत में महावीर को भी लोग पत्थर मारते थे। हम भी किसी अंजाम की चिंता नहीं करते वहीं कहेंगे जो शास्त्रों में लिखा है।

जातिवाद रहेगा, तब तक हिन्दू राष्ट्र नहीं बन सकता
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जब तक भारत से जातिवाद शून्य नहीं होगा तब तक यह देश हिन्दू राष्ट्र नहीं बन सकता। जब शास्त्रों की बात हम ही नहीं कहेंगे तो कौन करेगा। इसलिए सहने की आदत डालो और सत्य पर अड़े रहो। उन्होंने युवाओं को दिया संदेश देते हुए कहा कि
दुनिया मे सारा खेल आंखों का है। आप क्या देखते हैं यह निर्णय आपका है। युवाओं के हाथों में आज मोबाइल है। युवा मुझसे कहते हैं कि मन एकाग्र नहीं होते। मैं कहता हूं रात भर मोबाइल पर रील देखते हो तो मन कैसे लगेगा उसका सदुपयोग करो। विद्यार्थियों के लिए एकाग्र मन करने ब्रम्हमुहूर्त में ओम उच्चारण का उपाय बताया। उन्होंने कहा कि सेल्फी का युग है, लेकिन मंदिर में आदर सम्मान देते समय सेल्फी पर ही उतना ध्यान मत दे की मूल काम ही बिगड़ जाए।












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