Sagar: देश का दूसरा बड़ा पेट्रोकेमिकल हब, 2 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार, 20 हजार करोड़ विदेशी मुद्रा बचेगी
भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड अर्थात देश की महारत्न कंपनी गुजरात के बाद मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना में दूसरा बड़ा पेट्रोकेमिकल हब स्थापित करने जा रही है। 50 हजार करोड़ के इस प्रोजेक्ट से करीब दो लाख लोगों को रोजगार मिल सकेगा। प्रोजेक्ट से सीधे तौर पर देश के विदेशी मुद्रा भंडार में ग्रोथ होगी व विदेशी मुद्रा की बचत भी होगी। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अगस्त को बीना में पेट्रोकेमिकल हब का भूमिपूजन करेंगे।

प्रधानमंत्री बुंदेलखंड को सौगात देने 14 सितंबर गुरुवार को सागर के बीना आ रहे हैं। वे यहां करीब 50 हजार करोड़ के बीपीसीएल के पेट्रोकेमिकल हब का भूमिपूजन करेंगे। इस प्रोजेक्ट को इंडस्ट्रियल क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाएगा। बता दें कि मप्र में बीपीसीएल का यह पहला और देश में गुजरात के बाद दूसरा सबसे बड़ा पेट्रोकेमिकल हब होगा। सबसे अहम बात यह है कि इस प्रोजेक्ट से लाखों रोजगार का सृजन तो होगा ही देश में विदेशी मुद्रा की बचत होगी। वहीं बुंदेलखंड को विकास मप्र की अर्थव्यवस्था को गति मिल सकेगी। बीना देश के पटल पर पहचाना जाएगा। यह प्रोजेक्ट लगभग पांच साल में पूरा हो जाएगा। यहां करीब 140 से अधिक अलग-अलग उद्योगों की इकाईयां भी स्थापित होंगी। हब की उत्पादन क्षमता सालाना करीब 2200 किलो टन की होगी।
7.8 से बढ़ाकर 11 MMTPA की जा रही उत्पादन क्षमता
बीना रिफाइनरी जिसे पहले भारत ओमान रिफाइनरी के नाम से जाना जाता था। साल 2022 में इसे बीपीसीएल ने टेकओवर कर लिया था। इसकी उत्पादन क्षमता 7.8 MMPTA (मिलियन मीट्रिक टन प्रति साल) थी, इसके बढ़ाकर अब 11 MMPTA किया जा रहा है। इस संयंत्र में विभिन्न प्रकार के पालिमर का उत्पादन होगा, जिनमें एएडीपीई एचडीपीई और पाली प्रापलीन के साथ ऐरोमेटिक्स शामिल हैं। परियोजना के पूर्ण होने के बाद प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
इंडस्ट्रियल निवेश को आएगा, उपकरणों का निर्माण भी होगा
बीना रिफाइनरी के परिसर से सटकर हब तैयार होगा। यहां पर पेट्रोकेमिकल से संबंधित विभिन्न प्रकार के उद्योग जैसे- फिल्म्स, फाइबर, इंजेक्शन मोल्डिंग, ब्लो मोल्डिंग, पाइप्स, बहुपयोगी कृषि और निर्माण कार्य उपकरण आदि के क्षेत्र को निवेश को आकर्षित करेगा। शासन द्वारा दी गई जानकारी अनुसार देश की बीपीसीएल फार्च्यून ग्लोबल 500 कंपनी है और भारत में प्रमुख एकीकृत ऊर्जा कंपनियों में से एक है, जो कच्चे तेल के परिशोधन और पेट्रोलियम उत्पादों के विपणन में लगातार कार्यरत है। यह तेल और गैस उद्योग के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज करती है। बीपीसीएल एनरजाइज़िंग लाइव्स के अपने मुख्य उद्देश्य के साथ रिफाइनरी में काम कर रहा है।
:यह उत्पाद तैयार होंगे
पालिमर
LLDPE (लाइनर लो डेंसिटी पालीथिन)
HDPE (हाई डेंसिटी पालीथिन)
पालीप्रापलीन
ऐरोमेटिक्स
:कांप्लेक्स में यह होगा
1.2 MMPTA क्षमता का एथलीन क्रेकर कांप्लेक्स
डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल संयंत्र
:इनसे संबंधित उद्योग धंधे विकसित होंगे
पाइप्स
कंटेनर
आटोमोटिव पार्ट्स
मेडिकल उपकरण
पैकिंग मटेरियल
फिल्म्स
फाइबर
इंजेक्शन मोल्डिंग
ब्लो मोल्डिंग
:कृषि व निर्माण कार्य उपकरण व यह फायदे होंगे
देश में होने वाले आयात में प्रतिवर्ष लगभग 20 हजार करोड़ के समतुल्य विदेशी मुद्रा की बचत होगी
देश आत्मनिर्भर भारत की ओर अग्रसर होगा
हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा
स्थानीय लोगों को स्वयं का व्यवसाय आरंभ करने का भी अवसर मिलेगा












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