रांचीः बहुचर्चित विनय महतो हत्याकाडं का फिर से शुरू होगा ट्रायल, जेजे कोर्ट का आदेश खारिज

रांची। झारखंड की राजधानी रांची के चर्चित विनय महतो हत्याकांड को री-ओपने कराने के लिए पोक्सो की विशेष अदालत ने आदेश दे दिया है। बीते सोमवार को पोक्सो की जज कशिका एम प्रसाद ने सफायर इंटरनेशनल स्कूल के चर्चित विनय महतो हत्याकांड में दिए गए जेजे ( जुवेनाइल जस्टिस ) कोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए फिर से ट्रायल शुरू करने का आदेश दिया।

vinay mahto murder case pocso court givr order for trial of case

पोक्सो कोर्ट ने जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए फिर से ट्रायल शुरू करने का आदेश दिया। पोक्सो कोर्ट की न्यायाधीश केएम प्रसाद की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया। उन्होंने बाल अदालत के फैसले को खारिज कर दिया और कहा कि मामले की फिर से सुनवाई की जाएगी।

बता दें कि साल 2016 में 4 फरवरी की देर रात को झारखंड की राजधानी रांची के सबसे महंगो बोर्डिंग स्कूल सफायर इंटरनेशनल स्कूल में सातवीं कक्षा के छात्र विनय महतो की हत्या कर दी गई थी। विनय के पिता मनबहाल महतो को तड़के साढ़ तीन बजे फोन कर सूचना दी गई कि उनके बेटे की तबीयत खराब है, उसे गुरुनानक अस्पताल भेजा गया है।

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इसके बाद फिर सूचना दी गई कि बेटे को रिम्स भेजा गया है। फिर जब पिता मनबहाल महतो रिम्स पहुंचे तो देखा कि उनका बेटा विनय स्ट्रेचर पर मृत पड़ा हुआ है। हैरान कर देने वाली बात यह थी कि उस वक्त वहां पर स्कूल का कोई भी स्टाफ मौजूद नहीं था।

बेटे की हत्या के मामले में पिता मनबहाल महतो ने तुपुदाना ओपी में स्कूल प्रबंधक और बेटे विनय के सहपाठियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाया। हत्या के मामले की जांच करते हुए रांची पुलिस ने स्कूल की टीचर नाजिया हुसैन, उसके पति आरिफ अली और उनके दो नाबालिग बच्चों को दोषी बताते हुए जेल भेज दिया फिर जल्दी में 6 मई साल 2016 को उनके खिलाफ चार्जशीट भी फाइल कर दी।

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छात्र विनय महतो मर्डर केस में साल 2018 में 6 जुलाई को राजधानी के डुमरदगा स्थिति जुवेनाइल कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में शिक्षिका नाजिया के दो नाबालिग बच्चों (एक बेटा और एक बेटी) को सभी आरोपों से बरी कर दिया। दरअसल, किशोर न्यायालय बोर्ड के प्रधान न्यायिक दंडाधिकारी राजीव त्रिपाठी ने कहा था कि नाबालिगों के खिलाफ पुलिस कोई साक्ष्य नहीं पेश कर सकी। स्कूल के कमरा नंबर 7 से जो ब्लड सैंपल साक्ष्य के रूप में पेश किये गये हैं, वह किसी महिला का है

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