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भाई की दोनों किडनियां फेल हो गई थीं, छोटी बहन ने दी उसे नई जिंदगी

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राजकोट। यहां से रक्षाबंधन पर्व के मौके पर भाई-बहन के रिश्‍ते की अच्‍छी खबर मिली। एक बहन ने भाई की रक्षा की खातिर अपनी किडनी डोनेट कर दी। बहन की किडनी से भाई को नई जिंदगी मिली। दोनों स्‍वस्‍थ भी हैं। किडनी के ट्रांसप्‍लांट का वाक्‍या राजकोट के बीटी सवानी अस्पताल का है। एक शख्‍स, जिसकी किडनी डैमेज हो चुकी थी, यहां लाया गया था। उसका परिवार बेहद चिंतित था, क्‍योंकि उसके बच्‍चों का भविष्‍य भी खतरे में था।

गुजरात में राजकोट की घटना

गुजरात में राजकोट की घटना

त्‍यौहार से पहले तब बहन ने सोचा कि वह ही भाई को बचाने के लिए कुछ करेगी। उसने डॉक्‍टर से बात की। वह युवा थी, तो भी अपनी जिंदगी संकट में डालकर, अपने भाई के लिए अपनी किडनी देने को तैयार हो गई। बीटी सवानी किडनी अस्पताल के किडनी विशेषज्ञ डॉ. विवेक जोशी ने उसकी तारीफ करते हुए कहा कि, रक्षाबंधन के मौके पर इस बहन ने समाज के लिए एक मैसेज दिया है, आमतौर पर इस दिन कोई भाई अपनी बहन की रक्षा का संकल्प लेता है, लेकिन यहां इस बहन ने अपने भाई की जिंदगी बचाई।

दोनों किडनियां फेल हो गई थीं

दोनों किडनियां फेल हो गई थीं

डॉ. विवेक जोशी ने कहा कि, मरीज का नाम भरतभाई मकवाना है। उसकी दोनों किडनी फेल हो गई थी। सप्ताह में उसे दो से तीन बार नियमित रूप से डायलिसिस करवाना पड़ता था। करीब 10 महीने से डायलिसिस चल रहा था। असहनीय पीड़ा होती थी। तब परिजन उसे लेकर बीटी सवानी किडनी अस्पताल में आए।' उसकी बहन ने उसके लिए अपनी किडनी डोनेट की।

बहन ने किडनी देकर बचाई छोटे भाई की जान, अस्पताल में मनाया रक्षाबंधनबहन ने किडनी देकर बचाई छोटे भाई की जान, अस्पताल में मनाया रक्षाबंधन

उसकी बहन का नाम दयाबेन वागड़िया है। दयाबेन ने कहा, 'भाई बहुत परेशान रहते थे। मुझे पता चला कि उन्‍हें किडनी की प्रॉब्‍लम है। उन्‍होंने डॉक्‍टर से चेक कराया तो हमें बताया गया कि, उनकी दोनों किडनी फेल हो चुकी हैं। मुझे भाई का दर्द नहीं देखा गया।

बहन ने भाई को दिया रक्षाबंधन का अनमोल गिफ्ट, किडनी डोनेट कर बचाई जान, 9 साल से हो रहा था डायलिसिसबहन ने भाई को दिया रक्षाबंधन का अनमोल गिफ्ट, किडनी डोनेट कर बचाई जान, 9 साल से हो रहा था डायलिसिस

यह बोले बहन-भाई

यह बोले बहन-भाई

बकौल दयाबेन, ''मैंने अपने पति से बात की। तब ससुराल वालों ने भी सहमति दे दी। मैंने भाई को अपनी एक किडनी डोनेट कर दी। अब मैं और मेरा भाई दोनों ठीक हैं।' वहीं, भरतभाई ने कहा कि, 'बहन का जितना शुक्रिया करूं, कम है। उसने अपनी जान की परवाह नहीं की। मुझे बचाया है। रक्षाबंधन पर तो एक भाई बहन की रक्षा करता है, लेकिन मेरी बहन ने मेरी रक्षा की है।'

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English summary
Sister donates kidney, saves brother's live; celebrated Raksha Bandhan
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