Kesri Singh: कौन हैं केसरी सिंह, जिन्हें RPSC सदस्य बनाकर क्यों पछता रहे CM गहलोत?
Kesri Singh vs Ashok Gehlot: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में 9 अक्टूबर को आचार संहिता लगने से पहले राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने कर्नल केसरी सिंह को आरपीएससी का सदस्य बनाया और अब खुद सीएम अशोक गहलोत ही उनकी नियुक्ति पर पछता रहे हैं।
सीएम अशोक गहलोत ने तो यहां तक कह दिया कि कर्नल केसरी सिंह को आरपीएससी का सदस्य बनाना दुभाग्यपूर्ण। मुझसे गलती हो गई।

दरअसल, केसरी सिंह की नियुक्ति पर राजस्थान चुनाव में सियासत गरमा गई है। वजह ये है कि केसरी सिंह द्वारा जातति के लिए दिए गए अपने पुरानों के चलते बयानों के वीडियो के चलते विवादों में आ गए हैं।
मीडिया से बातचीत में सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि जो व्यक्ति 22 साल तक आर्मी में रहा हो उससे इस तरह के बयानों की उम्मीद नहीं की जा सकती। उनकी नियुक्ति दुर्भायपूर्ण है। यह गुलती मुझसे ही हो गई। आर्मी के बैकग्राउंड को देखते हुए मेंबर बनाया था। हमारा लालच था कि हमारी मकराना की सीट खराब ना हो। मेंबर बनने के बाद केसरी सिंह ने मुझसे शिष्टाचार भेंट तक नहीं की। मुझे दुख है कि मैंने उनके नाम की सिफारिश की।
बता दें कि कर्नल केसरी सिंह राठौड़ मूल रूप से राजस्थान के मकराना विधानसभा क्षेत्र के गांव शिवरासी के रहने वाले हैं। 21 साल तक भारतीय सेना में सेवाएं देने के बाद वीआरएस ले लिया था। इसके बाद सामाजिक कार्यों व राजनीति में सक्रिय हो गए।
दरअसल, कर्नल केसरी सिंह ने वीआरएस लेने के बाद सामाजिक कार्यक्रमों में व्यस्त रहे। इस दौरान राजपूत समाज के लोगों के साथ बैठकों में कई ऐसे भाषण दिए जिसमें वह दूसरी जातियों के लिए कई आपत्तिजनक बातें कहते नजर आए। जाट, गुर्जर और अन्य जातियों के बारे में अशोभनीय टिप्पणियों के वीडियो अब वायरल हो रहे हैं।
केसरी सिंह कुख्यात गैंगस्टर रहे आनंदपाल सिंह को अपना आदर्श बता चुके थे। आनंदपाल की पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविरों का आयोजन भी करवा चुके हैं।












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