Lok Sabha Election: संजीवनी घोटाले को लेकर पहली बार क्या बोल गए केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह...
Lok Sabha Election: अक्सर यहीं होता है कि जब भी कोई चुनाव होता है तो पुराने घोटालों को लेकर विपक्ष हावी होने की कोशिश करता है।
राजस्थान में ऐसा ही मामला जिसे संजीवनी केस के नाम से आज भी कई बार चर्चाओं में सुना जाता है। लेकिन अब केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इसकों लेकर विपक्ष को करारा जवाब दिया है।

गजेंद्र सिंह शेखावत ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि झूठ फैलाने वाले झूठ की अग्नि में जलकर भस्म हो जाएंगे।
राजस्थान के जोधपुर लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी व केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता की।
गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी की परंपरा और परिपाटी है, उन्होंने देश को पहले क्षेत्र, बोली-भाषा, मजहब, अमीर-गरीब और ऊंच-नीच के नाम पर बांटा।
बांटकर राजनीति करना जिनके डीएनए में है, उनको शायद यही दिखाई देता है। शेखावत ने बिना नाम लिए कहा कि उन्हें मुझ पर प्रश्न खड़ा करने से पहले उनके आदरणीय राजकुमार जहां से चुनाव लड़ रहे हैं, उसके विषय में एक बार संज्ञान लेकर टिप्पणी कर देनी चाहिए।
केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि कांग्रेस पार्टी के चुनाव में संजीवनी केस को मुद्दा बनाने के सवाल पर शेखावत ने कहा कि पिछले पांच साल तक संजीवनी की कालिख मेरे मुंह पर पोतने के लिए तत्कालीन राजस्थान सरकार के मुखिया ने हरसंभव प्रयास किया।
कुछ टिप्पणियां इसी सर्किट हाउस के बाहर की थीं। उसके लिए आज भी न्यायालय में अपराधी की तरह खड़े थे। मैं उस दिन भी कह रहा था और आज भी कहता हूं कि अग्नि परीक्षा से निकलने के लिए तैयार हूं।
आज तक मेरे ऊपर कोई लांछन नहीं लगा। आगे भी नहीं लगा सकते हैं। यह झूठ फैलाने वाले खुद उस झूठ की अग्नि में जलकर भस्म हो जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि हाईकोर्ट में संजीवनी केस में मुझे फंसाने के लिए राजस्थान की तत्कालीन सरकार ने 40 करोड़ रुपए वकीलों को फीस के रूप में दिए हैं।
"मानहानि केस से अपने आप को बचाने के लिए दो करोड़ रुपए की फीस आपके और मेरे टैक्स के पैसे से दी। उन्होंने पूछा, शब्द सरकार ने बोले थे या मुख्यमंत्री ने बोले थे या व्यक्तिगत बोले थे। जो गालियां मुझे दी गई थीं, वो किसने दी थीं, माननीय अशोक गहलोत साहब ने दी थीं।"
अब उसका खर्चा आपके और मेरे टैक्स के पैसे से हो, उसके लिए चिट्ठी लिखकर गुहार लगा रहे हैं। शेखावत ने कहा कि मैं आज जिम्मेदारी से कह रहा हूं कि जिस दिन फैसला आएगा, दो ही विकल्प होंगे या तो उनके नेता की तरह हमेशा के लिए पॉलिटिक्स से बाहर हो जाएंगे या सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना करेंगे।
शेखवात ने कहा चुनाव में पार्टी के विजन के सवाल पर शेखावत ने कहा कि विगत दस साल के विकास और भारत को विकसित बनाने के संकल्प को लेकर हम लोगों के बीच जा रहे हैं।
वर्ष 2014 में जब हम चुनाव में गए थे, तब देश में दो तरह के समाचार मीडिया की सुर्खियों में रहते थे, एक घोटालों और दूसरे आतंकवादी घटनाओं के।
अब सामान्य मानवी के जीवन में परिवर्तन और विकास के समाचार सुर्खियां बन रहे हैं। पानी के सवाल पर शेखावत ने कहा कि जल संविधान में राज्य का विषय है।
हमने राजस्थान सरकार को 27 हजार करोड़ रुपए आवंटित किए, लेकिन पिछली गहलोत सरकार मात्र 7 हजार करोड़ खर्च कर पाई। उसमें भी भ्रष्टाचार किया, जिसकी जांच की जा रही है।
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने भजनलाल सरकार की विगत 100 दिन की उपलब्धियों को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि अब पेपरलीक नहीं हो रहे।
पेपरलीक करने की जांच अभी पहले चरण में है। आगे बड़े खुलासे होंगे। प्रदेश में अपराध मुक्त शासन दिया जा रहा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी करके जनता को राहत प्रदान की गई है।












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